MP Weather Update: इंदौर में घुटनों तक पानी में निकली बारात; VIDEO: आंधी-बारिश में चलती बाइक पर पेड़ गिरने से युवक की मौत, 46 जिलों में अलर्ट, 15 पिकनिक स्पॉट बंद

मध्यप्रदेश में मानसून का असर बढ़ता जा रहा है। इंदौर में बारिश के बाद एमआर-10 लिंक रोड पर घुटनों तक भरे पानी के बीच बारात निकाली गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं दमोह में आंधी के दौरान पेड़ की भारी डाल बाइक पर गिरने से एक युवक की मौत हो गई और उसके शिक्षक पिता घायल हो गए।लगातार बारिश और हादसों की आशंका के चलते इंदौर के 15 जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

इंदौर में बारिश के बाद जलभराव, सड़कें जलमग्न

देश में लगातार आठ बार स्वच्छता में नंबर-1 रहे इंदौर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या फिर चर्चा में है। एमआर-10 लिंक रोड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घुटनों तक भरे पानी के बीच बारात निकलती दिखाई दे रही है।

बताया जा रहा है कि वीडियो 24 जून का है। तेज बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर गया कि दूल्हे को घोड़े पर बैठकर जलमग्न सड़क से गुजरना पड़ा। बाराती भी पानी के बीच नाचते-गाते आगे बढ़ते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम की ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

इंदौर में बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गई। घुटनों तक पानी के बीच बारात निकाली।

रायसेन में 5 घंटे की बारिश से निचले इलाके जलमग्न हो गए।

पिपरिया में गुरुवार रात में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने लगी।

चलती बाइक पर पेड़ की डाल गिरी, युवक की मौत

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुरुवार रात हवा-आंधी के दौरान जामुन के पेड़ की भारी डाल चलती बाइक पर गिर गई। हादसे में 25 वर्षीय शिवम लोधी की मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठे उनके शिक्षक पिता फूल सिंह लोधी घायल हो गए।

शिवम रोज अपने पिता को स्कूल छोड़ने और वापस घर लाने जाता था। गुरुवार शाम दोनों गोपालपुर से लौट रहे थे, तभी दरौली गांव के पास हादसा हो गया। रास्ते से गुजर रहे एसडीएम सीजी गोस्वामी ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया।

इंदौर के 15 पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक रोक

लगातार बारिश और संभावित हादसों को देखते हुए इंदौर प्रशासन ने महू क्षेत्र के 15 जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 25 जून से 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।

प्रतिबंधित स्थलों में तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डैम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाड़ी फॉल, लोहिया कुंड, जोगी भड़क और हत्यारी खो समेत अन्य स्थल शामिल हैं।

बारिश की कुछ और तस्वीरें…

खरगोन के कसरावद क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। बारिश के बीच युवाओं ने जमकर मस्ती की।

करीब एक घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी जमा हो गया।

तेज हवा के साथ हुई बारिश के बीच एक पेड़ गिर गया। इसके नीचे कार दब गई।

तेज हवा से जिला अस्पताल में मातृ एवं शिशु वार्ड के सामने टीन शेड गिर गया।

दोपहर बाद कई इलाकों में तेज बारिश हुई। राहगीर वाहन खड़े कर बचते नजर आए।

इंदौर में गुरुवार शाम को हल्की बारिश हुई।

नीमच जिले के मनासा, रामपुरा, कुकडेश्वर सहित जन्नौद में तेज बारिश हुई है।

रायसेन में डेढ़ घंटे बारिश, निचले इलाके डूबे

रायसेन में गुरुवार शाम करीब डेढ़ घंटे हुई मूसलाधार बारिश से महामाया चौक, रामलीला मैदान सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ जगह करीब 2 फीट तक जलभराव हुआ। तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

शाजापुर में बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत

शाजापुर जिले के बेसरापुर गांव में बकरियां चरा रहे 64 वर्षीय आत्माराम मालवीय की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। जिले में 51 मिमी यानी 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जिला अस्पताल परिसर में टीनशेड गिर गया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

बारिश के कारण तापमान में गिरावट

भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट आई है।

कई जिलों में तेज बारिश, तापमान में गिरावट

गुरुवार को इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मैहर और खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। श्योपुर और बालाघाट में करीब आधा इंच पानी गिरा। खरगोन के कसरावद क्षेत्र में करीब सवा घंटे की तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया।

मौसम बदलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। खरगोन प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 24 घंटे में यहां तापमान 4.3 डिग्री तक गिर गया।

5 बड़े शहरों में ऐसा रहा तापमान

बारिश और बादलों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म बड़े शहरों में रहा, जहां उमस भी बनी रही।

सीधी में लू चलने की संभावना

मौसम विभाग ने प्रदेश के 46 जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सीधी में लू चलने की संभावना जताई गई है। नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस बनी रह सकती है।

15 जिलों में पहुंच चुका मानसून

प्रदेश के आलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होने की संभावना है।

इस बार 9 दिन देरी से आया मानसून

एमपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है, लेकिन इस बार यह 9 दिन लेट यानी, 24 जून को प्रदेश में आया। मानसून आ गया है? इसका आंकलन कैसे होता है? यह मौसम वैज्ञानिक अरुण कुमार से जाना। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटे में 75 मिमी यानी, 3 इंच बारिश हो गई।

सीमा से जुड़े जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में पर्याप्त बारिश हुई और दक्षिण-पश्चिम से नमी वाली मानसूनी हवाएं भी आईं। इन्हीं के अध्ययन से मानसून की एंट्री की अधिकारिक घोषणा की जाती है।

जानिए, कहां कितना रहा तापमान

इस बार सामान्य से कम बारिश के आसार मौसम केंद्र (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक- इस साल भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। प्रदेश में औसत 37.3 इंच के मुकाबले 30 से 32 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

प्रदेश में सामान्य से 50% कम बारिश मानसून के लेट होने से मध्य प्रदेश में 24 जून तक की स्थिति में सूखे जैसे हालात रहे हैं। 1 जून से अब तक औसत 84.8 मिमी (3.6 इंच) बारिश होना थी, लेकिन 42 मिमी (1.6) इंच पानी ही गिरा, जो सामान्य से 50% कम है। इंदौर, उज्जैन-ग्वालियर समेत 48 जिलों में सामान्य से कम बरसात हुई है।

कहां, कम-ज्यादा बारिश

  • कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
  • ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर।

जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड

भोपाल में आधे महीने तेज गर्मी का ट्रेंड राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी।

वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था।

इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिश जून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था।

बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।

ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचर ग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है।

मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।

जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिश मानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई।

पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंड जून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी।

वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

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