इंदौर ड्रग्स केस का बड़ा खुलासा: 198 ग्राम कथित MD ड्रग्स निकली यूरिया, कोर्ट से बर्खास्त पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपी बरी; दो IPS सहित 19 पुलिसकर्मियों पर साजिश का आरोप

इंदौर पुलिस ने जिस 198 ग्राम पदार्थ को करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था, वह जांच में यूरिया निकला। इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो IPS अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।

बर्खास्त पुलिसकर्मी लखन गुप्ता।

ड्रग्स केस में हुई थी गिरफ्तारी

करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके पास से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स मिलने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में बर्खास्त पुलिसकर्मी ने परिवाद दायर किया है।

भोपाल और हैदराबाद की लैब में कराई जांच

जांच के दौरान जब्त पदार्थ के सैंपल भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजे गए। रिपोर्ट में साफ हो गया कि कथित एमडी ड्रग्स वास्तव में यूरिया है और वह किसी भी तरह का नारकोटिक पदार्थ नहीं है।

इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की सेंट्रल लैब से जांच कराई, लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही निकला। दोनों रिपोर्टों के आधार पर कोर्ट ने लखन गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।

लखन बोले- साजिश के तहत फंसाया गया

कोर्ट से बरी होने के बाद लखन गुप्ता ने विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो IPS अधिकारियों समेत 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत झूठे ड्रग्स केस में फंसाया गया।

मुखबिर के जरिए आरोपियों से नाम कहलवाया

लखन का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मुखबिर के जरिए आरोपियों से उनका नाम कहलवाया। इसके बाद उन्हें आजाद नगर से उठाकर तेजाजी नगर थाने लाया गया, पूछताछ की गई और फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया।

आज कोर्ट में होगी सुनवाई

लखन के वकील नितिन पाराशर के अनुसार, परिवाद में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। विशेष कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट जांच कराने, एफआईआर दर्ज करने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर आदेश दे सकता है।

यह मामला अब इंदौर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि जिस पदार्थ को करोड़ों की एमडी ड्रग्स बताया गया था, वह दोनों सरकारी लैब की जांच में साधारण यूरिया निकला

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