सतगढ़ी औद्योगिक क्षेत्र बने भोपाल की नई पहचान… कौशल किशोर चतुर्वेदी

सतगढ़ी औद्योगिक क्षेत्र बने भोपाल की नई पहचान…
6 जुलाई 2026 की तारीख मध्य प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में इसलिए, विशेष उपलब्धि के रूप में दर्ज की जाएगी क्योंकि वर्ष 2025 में पहली बार राजधानी भोपाल में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। इससे पहले इंदौर में ही ऐसे आयोजन होते रहे थे। और अब देश के पहले उद्योग मंत्री रहे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। सरकार का दावा है कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। खास बात यही है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने के साथ ही प्रदेश की राजधानी भोपाल को प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के समकक्ष खड़ा करने की जो कवायद शुरू हुई है, उसमें सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की सौगात मील का पत्थर साबित होगी। बशर्ते जो सोच सामने है वह जल्दी ही सच के रूप में सामने आ जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सपना यही है कि उनके कार्यकाल में शुरू हुई औद्योगिक विकास की यात्रा मध्य प्रदेश के इतिहास में ध्रुव तारे की तरह सबसे तेज चमक बिखेरे। सतगढ़ी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने कार्यकाल की औद्योगिक उपलब्धियों का ब्यौरा देकर यही साबित करने की कोशिश की है कि उनका कार्यकाल औद्योगिक विकास का नया इतिहास बनाने को आतुर है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया है कि जीआईएस 2025 का 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। हाल ही में शिवपुरी में 2500 करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। यहां बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी। इससे पहले मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात मिली है।रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ रुपये का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। विकसित भारत 2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश में से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आ चुका है।
यही कहा जा सकता है कि मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ आबादी यही चाहती है कि प्रदेश उद्योग के क्षेत्र में नंबर वन बनकर अपना परचम फहराए। सबसे बड़ी बात यही है कि 10 लाख करोड़ का औद्योगिक निवेश यदि धरातल पर आ चुका है तो धरातल पर उनके प्रभाव भी आमजन को महसूस हों। विकास के इन मंदिरों को तीर्थ स्थल के रूप में प्रदेश के जन-जन की नजरें देख सकें। तब ही डॉ. मोहन यादव का यह कहना चरितार्थ होगा कि हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। और तब आमजन में यह भरोसा भी जागेगा कि 30 लाख करोड़ के उद्योग मंदिर बनकर प्रदेश के हर शहर में सरकार के प्रति भरोसे की नई इबारत लिखेंगे… और औद्योगिक विकास में अनंत उपलब्धियों के द्वार मध्यप्रदेश के लिए खुल जाएंगे। हर मध्यप्रदेशवासी की यही उम्मीद है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सोच के मुताबिक सतगढ़ी औद्योगिक क्षेत्र भोपाल की नई पहचान बने…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं