पीथमपुर हाउसिंग बोर्ड का अल्टीमेटम समाप्त: आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई के संकेत, सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट; मुख्यमंत्री से मदद की अपील

पीथमपुर के औद्योगिक नगर में मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (संभाग धार) द्वारा आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बंद करने का दिया गया। इसके लिए 5 दिवसीय अंतिम अल्टीमेटम समाप्त हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, सैकड़ों परिवारों और छोटे दुकानदारों की आजीविका पर कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। वहीं रहवासियों ने मुख्यमंत्री से मदद मांगी है।

नगर में रहवासियों ने बनाई आगे की रणनीति।

संपदा अधिकारी कार्यालय ने पहले 12 जून 2026 को एक नोटिस जारी कर आवंटियों को 15 दिनों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश का पालन न होने पर, विभाग ने 1 जुलाई 2026 को ‘स्मरण पत्र-1’ जारी किया, जिसमें केवल 5 दिन की अंतिम मोहलत दी गई थी।

यह अंतिम मोहलत भी अब समाप्त हो चुकी है। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में दुकानें नहीं हटाने पर मंडल वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा। प्रशासन ने समय-सीमा समाप्त होते ही सहायक यंत्री को मौके का मुआयना कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं, ताकि नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

कम्युनिटी हॉल में चर्चा करते रहवासी।

प्रभावित रहवासी प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए राजनेताओं से संपर्क कर रहे हैं। रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और धार विधायक नीना विक्रम वर्मा से मुलाकात की। हालांकि, इन मुलाकातों के बाद भी उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।

स्थानीय निवासी तेजराम राठौड़ ने बताया कि इस क्षेत्र के मजदूर और गरीब वर्ग के लोग पिछले 35 वर्षों से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। उन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई और बैंकों से ऋण लेकर ये छोटे रोजगार स्थापित किए थे। अचानक मिले इस नोटिस से इन परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है।रहवासियों ने मुख्यमंत्री से इस कार्रवाई को तुरंत रोकने और कोई बीच का रास्ता निकालने की अपील की है।