इंदौर-खंडवा रोड पर तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच बन रहे 1100 करोड़ के फोरलेन हाईवे पर सिमरोल के पास तलाई नाका गांव में नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां निर्माणाधीन टनल (सुरंग) के कारण गांव दो हिस्सों में बंट गया है। इन्हें जोड़ने के लिए टनल के ऊपर कनेक्टिंग ब्रिज की मांग डेढ़ साल से की जा रही है,

लेकिन अब इसके अलाइनमेंट (स्थान) को लेकर एनएचएआई (NHAI) और ग्रामीणों में गतिरोध बन गया है। सोमवार को ग्रामीणों ने मेघा इंजीनियरिंग के साइट ऑफिस पहुंचकर विरोध जताया।सरपंच लेखराज डाबी सहित ग्रामीणों का कहना है एनएचएआई और ठेकेदार द्वारा यह ब्रिज आईआईटी इंदौर के दूसरे गेट के पास (गांव से 500 मीटर दूर) प्रस्तावित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे एक निजी कॉलोनाइजर को सीधा फायदा पहुंचेगा। सरपंच के अनुसार, यहां ब्रिज बनने से करीब 500 ग्रामीणों को दो किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा और टनल के समानांतर सर्विस रोड के लिए अलग से जमीन का अधिग्रहण भी करना होगा।
- प्रोजेक्ट व लागत: इंदौर-इच्छापुर हाईवे (तेजाजी नगर-बलवाड़ा खंड), 1100 करोड़
- डेडलाइन: मूल डेडलाइन (जनवरी 2025) बीत चुकी है
- दिसंबर 2026 तक का एक्सटेंशन मिला है
दुर्घटना का ‘ब्लैक स्पॉट’ बनने का खतरा

एनएचएआई के अनुसार, वर्तमान प्रस्तावित स्थान पर सिर्फ 3 पियर (खंभे) बनाने होंगे। इसके विपरीत, गांव के पास ब्रिज बनाने से महू-सिमरोल सर्विस रोड की चौड़ाई जुड़ने के कारण 5 पियर बनाने पड़ेंगे। ढलान वाली सर्विस रोड के बीच में ये खंभे आने से नीचे टनल में आने-जाने वाले वाहनों के लिए यह स्थान ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) बन सकता है।
कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के आरोपों को किया खारिज
एनएचएआई ने कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों ने बताया कि यदि ग्रामीणों की मांग के अनुसार गांव के नजदीक ब्रिज बनाया जाता है, तो कई घरों और एक स्कूल को तोड़ना पड़ेगा। साथ ही, ब्रिज के खंभों के लिए गांव के पास ही ब्लास्टिंग से 15 मीटर गहरी खुदाई करनी होगी, जिससे गांव के मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों को लिखित में देना होगा निर्णय
हमने ग्रामीणों को दोनों स्थानों के तकनीकी गुण-दोष समझा दिए हैं और फैसला उन पर ही छोड़ दिया है। यदि तलाई नाका के लोग अपने गांव के नजदीक 12 मीटर की ब्लास्टिंग झेलने और मकानों-स्कूल को तोड़ने के लिए तैयार हैं, तो लिखित निर्णय मिलने पर हम वहीं ब्रिज बना देंगे।