मानसून सत्र में विपक्ष के मुद्दे यही रहेंगे… कौशल किशोर चतुर्वेदी

 

मानसून सत्र में विपक्ष के मुद्दे यही रहेंगे…
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मूंग किसानों के साथ हो रहे अन्याय, कागज़ी अस्पतालों की सच्चाई, दतिया उपचुनाव और जनहित के कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने मध्यप्रदेश के किसानों, युवाओं, मरीजों और आमजन से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने मूंग किसानों के साथ हो रहे अन्याय, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, कागज़ी अस्पतालों की सच्चाई, डॉक्टरों की कमी, नशे के बढ़ते कारोबार और जनहित के कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार से जवाब मांगा।
जिस तरह सत्र के पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान आकृष्ट कराया है, उससे तो यही लग रहा है कि सिंघार ने मानसून सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेती नहीं, कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। प्रदेश के किसान अपनी मेहनत की फसल का उचित दाम पाने के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार की नीतियों का फायदा दलालों और बिचौलियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा मूंग किसान एक बार फिर ठगा गया है। पिछले वर्ष 15–18 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद एमएसपी पर केवल 7.65 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई। इस वर्ष भी 8.06 लाख मीट्रिक टन की माँग के मुकाबले केवल 4.55 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। इतना ही नहीं, बढ़ती लागत के बीच मूंग के एमएसपी में सिर्फ ₹12 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किसानों के साथ मज़ाक है।
सिंघार ने कहा कि हमारी माँग स्पष्ट है हर किसान की पूरी उपज एमएसपी पर खरीदी जाए, खरीद लक्ष्य बढ़ाया जाए और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले। नेता प्रतिपक्ष ने इसको लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में एक ऐसा अस्पताल सामने आया है जो सिर्फ कागज़ों में है, ज़मीन पर उसका कोई अस्तित्व नहीं। यह जनता के पैसों के दुरुपयोग और सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार हेलीकॉप्टर उतारने के दावे करती है, लेकिन सवाल यह है कि अस्पतालों में डॉक्टर कब पहुँचेंगे? बिना डॉक्टर और बुनियादी सुविधाओं के जनता का इलाज कैसे होगा?
स्वास्थ्य मंत्री के अपने जिले में नशे के कारोबार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता को कागज़ी अस्पताल नहीं, ज़मीन पर डॉक्टर, दवाइयाँ और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए।
उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस पार्टी ही जीतेगी। जिस तरह से भाजपा ने षड्यंत्र रचकर कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द करवाई है, दतिया की जनता उसका जवाब कांग्रेस को जिताकर देगी और एक बार फिर भाजपा के मुंह पर करारा तमाचा मारेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एकल भोजन करने वाले नरोत्तम मिश्रा को जवाब चुनावी मैदान में ही दिया जाएगा। नरोत्तम जी, तैयार रहिए, दतिया में आपकी दोबारा हार तय है। एक बार फिर कांग्रेस पार्टी दतिया में अपना झंडा गाड़ेगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भाव और शब्द यही गवाही दे रहे हैं कि मानसून सत्र में विपक्ष के महत्वपूर्ण मुद्दों में यही शामिल रहेंगे। दतिया विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस के लिए बहुत मायने रखते हैं। लेकिन डॉ नरोत्तम मिश्रा भी उपचुनाव में किसी भी तरह से जीत पर ही दांव लगाने वाले हैं। खैर मूल बात यही है कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मानसून सत्र के लिए काफी कुछ तैयारी कर ली है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं