प्रमोशन देकर मोहन ने धोया शिवराज के कार्यकाल का बड़ा दाग… कौशल किशोर चतुर्वेदी

प्रमोशन देकर मोहन ने धोया शिवराज के कार्यकाल का बड़ा दाग…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंत्रालयीन अधिकारी- कर्मचारियों ने पदोन्नति संबंधी निर्णय और उस पर त्वरित कार्यवाही के लिए मंत्रालय, वल्लभ भवन में पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अधिकारियों-कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया तथा पुष्प भेंट कर उनका अभिवादन भी किया। शासकीय सेवकों ने इस उपलब्धि के लिए उत्साह और उल्लास का प्रकटीकरण करते हुए मिठाई वितरित की।
8 जुलाई 2026 को कैबिनेट बैठक में जाने से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कर्मचारियों-अधिकारियों के संगठन पदाधिकारियों द्वारा किया गया यह स्वागत कोई साधारण बात नहीं थी। पिछले 10 साल से बिना प्रमोशन के रिटायर्ड होने वाले हजारों कर्मचारियों-अधिकारियों के मन से पूछा जाए तो वह अभिशप्त के रूप में नौकरी से विदा हुए थे। और नौकरी कर रहे लाखों कर्मचारियों- अधिकारियों का मन हर दिन प्रमोशन से वंचित होने की वजह से सरकार को कोस रहा था। प्रमोशन न होने का मुख्य कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय में सरकार द्वारा जातीय समीकरण और वोटों को साधने के लिए चुनाव से पहले लिया गया वह फैसला था जिसकी वजह से प्रमोशन पर रोक लग गई थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के समय भी सरकार चाहती तो प्रमोशन को बिना रोके प्रमोशन में आरक्षण जैसे बड़े मुद्दे का निराकरण होने का इंतजार कर सकता थी। लेकिन शिवराज सरकार ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने प्रमोशन को लेकर सकारात्मक भाव रखा था। और इसीलिए मुख्य सचिव अनुराग जैन प्रमोशन के इस चक्रव्यूह को भेदने में सफल रहे। मध्य प्रदेश सरकार ने करीब 10 वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का न केवल बहुत बड़ा फैसला लिया बल्कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिए गए इस निर्णय के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 2029 तक की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
तो महाधिवक्ता की कानूनी राय के आधार पर, सरकार ने विभिन्न विभागों में विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रमोशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कर्मचारी-अधिकारी इस बात को लेकर भी खुश हैं कि पदोन्नति की यह प्रक्रिया जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित ‘प्रमोशन में आरक्षण’ से जुड़े मामलों के अंतिम फैसले के अधीन होगी। सरकार का यह भी तर्क है कि विभागों में वरिष्ठ पदों के खाली होने से प्रशासनिक काम केवल 40% क्षमता पर चल रहा था, जिसे सुचारू करने के लिए यह कदम उठाया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से नई प्रमोशन पॉलिसी और आश्वासनों पर स्पष्टीकरण मांगा है। बड़ी बात यही है कि प्रमोशन मिलने की प्रक्रिया शुरू हो होने से लाखों कर्मचारियों-अधिकारियों के चेहरे पर खुशी आ गई है।
फिलहाल मध्य प्रदेश के 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में दस साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया फिर से शुरू कर लाखों कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। इसीलिए 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक के लिए जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, वैसे ही उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बजने लगे। अधिकारी-कर्मचारी उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी कल्याण के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इस अवसर पर भी संघों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र कर्मचारी अन्याय का शिकार नहीं होगा। उन्होंने पद संभालते ही कर्मचारी कल्याण के लिए पहल करनी शुरू कर दी थीं। उसी का परिणाम है कि आज लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है। कर्मचारियों अधिकारियों के हित में यह बड़ा फैसला लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शिवराज सिंह चौहान की सरकार के समय के उस बड़े दाग को धो दिया है जिसके चलते अधिकारी-कर्मचारी सरकार से पूरी तरह असंतुष्ट थे। इस मायने में देखा जाए तो मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों कर्मचारियों के मन में अपनी स्थायी जगह बना ली है… अपनी लकीर भी बड़ी कर ली है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं