मंत्री बागरी के शिलान्यास वाली सड़कों पर भुगतान विवाद: पीएमजीएसवाई में 15 करोड़ से अधिक भुगतान अटका, 14.64 लाख की बिल कटौती और 22.91 लाख की गारंटी रोकने के आरोप; ठेकेदार धरने पर

सतना में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़क निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर ठेकेदारों और विभाग के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। ठेकेदार पिछले तीन दिनों से जीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं।

ठेकेदारों का आरोप है कि नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी द्वारा हाल ही में शिलान्यास की गई दो ग्रामीण सड़कों के बिलों में नियमों के विपरीत 14.64 लाख रुपए की कटौती की गई है। इसके अतिरिक्त, 22.91 लाख रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी भी अब तक वापस नहीं की गई है।

लाखों रुपए की कटौती का आरोप धरने का नेतृत्व कर रहे ठेकेदार अनिल सिंह ने बताया कि पैकेज एमपी-34 यूपीजी-12 के तहत सतना-पन्ना मार्ग से बचवई तक 3 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2.26 करोड़ रुपए की लागत से समय पर पूरा किया गया था। इस कार्य के 33.12 लाख रुपए के अंतिम भुगतान बिल में प्राइस एस्केलेशन के नाम पर 9.93 लाख रुपए की कटौती कर दी गई।

अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि मेजरमेंट बुक (एमबी) में भी काट-छांट की गई और टीम लीडर के भौतिक सत्यापन के बावजूद पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया। विभाग ने 10.33 लाख रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी भी रोक रखी है।

बुधवार को जिला पंचायत सीईओ और एसडीएम धरना स्थल पहुंचे।

ऐसे अन्य मामले भी सामने आए इसी प्रकार, पैकेज एमपी-34 यूपीजी-11 के तहत सतना-पन्ना मार्ग से छींदा तक 2.42 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2.52 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था। इस कार्य के 45.53 लाख रुपए के बिल में 4.71 लाख रुपए की कटौती की गई, जबकि 12.58 लाख रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी अभी तक जारी नहीं हुई है।

अनिल सिंह के अनुसार, यह अकेला मामला नहीं है। सतना में लगभग 20 ठेकेदारों के 15 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान लंबित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खाड़ी संकट के दौरान महंगे बिटुमिन का उपयोग करके सड़कें बनाई गईं, लेकिन विभाग पुराने बिटुमिन के उपयोग का हवाला देकर प्राइस एस्केलेशन की राशि घटा रहा है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह और एसडीएम राहुल सिलाडिया बुधवार शाम धरनास्थल पहुंचे। ठेकेदारों ने पीएमजीएसवाई के जीएम उमेश साहू को हटाने, उनके कार्यकाल की शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोष सिद्ध होने पर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट एमपी आरआरडीए के सीईओ को भेज दी गई है।इस मामले में एमपीजीएसवाई के जीएम उमेश साहू ने बताया कि हमारी कार्रवाई शासन के दिशा निर्देशों एवं नियमों के तहत है। हम पर अनैतिक रुप से दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।