इंदौर में IAS कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर जमीन कब्जाने की कोशिश, अपर आयुक्त तरुण भटनागर के फर्जी हस्ताक्षर से आदेश तैयार; हाईकोर्ट में खुलासा, पुष्परत्न रियलिटी के वकील आशीष अग्रवाल पर 6 धाराओं में FIR

इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में पदस्थ 2012 बैच के आईएएस तरुण भटनागर की अपर आयुक्त कोर्ट के फर्जी आदेश का खुलासा द सूत्र ने किया था। इसके बाद इसमें संभागायुक्त (आईएएस भास्कर लक्षकार) ने गहन जांच कराई। जांच के बाद वकील आशीष अग्रवाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आखिरकार शुक्रवार रात को तहसीलदार जूनी इंदौर राकेश सस्तिया द्वारा थाने में प्रतिवेदन दिया गया, इस पर अग्रवाल पर केस हुआ।

पंढरीनाथ थाने में दर्ज हुए केस में आरोपी का नाम पुष्परत्न रियलिटी प्रा. लि. की ओर से डायरेक्टर अंकित जैन के अधिवक्ता आशीष अग्रवाल लिखा है। पिता का नाम राजेंद्र अग्रवाल निवासी 100 आरएनटी पंढरीनाथ इंदौर है।

धाराएं कूटरचित दस्तावेज बनाने और उपयोग करने की लगी हैं। इसमें बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 336(2), 336 (3), 337, 338 और 340 (2) लगी हैं। इन धाराओं में अग्रवाल की गिरफ्तारी होना तय है।यह लिखा है एफआईआर में

एफआईआर में लिखा है कि अग्रवाल अपर आयुक्त कोर्ट का कूटरचित अ के समक्ष पेश किया गया। इसके आधार पर खजराना की जमीन सर्वे नंबर 388/2/4 के 0.047 हेक्टेयर जमीन पर पुष्परत्न कंपनी को कब्जा दिलाने की

इस फर्जी आदेश को 7 अगस्त को पेश किया गया था। इस आवेदन पर तहसीलदार द्वारा 20 अगस्त को कब्जा दिलाने के लिए दल बनाया गया। लेकिन लक्ष्मीबाई की बेदखली के पहले 23 अगस्त को जानकारी मिली कि अपर आयुक्त कोर्ट में आदेश हुआ ही नहीं है और वहां केस चल रहा है जिसमें अगली सुनवाई 17 नवंबर को लगी है।

यह है पूरा मामला

इंदौर में जमीन पर कब्जे के लिए सीनियर आईएएस (2012 बैच) अपर आयुक्त तरुण भटनागर की कोर्ट का फर्जी आदेश बन गया। इसका खुलासा तब हुआ जब हाईकोर्ट में 23 अगस्त रविवार को इस केस में अर्जेंट हियरिंग (आपातकालीन सुनवाई) हुई और यह आदेश सामने आया।

बाद संभागायुक्त में हड़कंप मच गया। इसकी जांच होने पर वकील आशीष अग्रवाल की भूमिका मिली। वकील के तहसीलदार ने

इस जमीन को लेकर है पूरा विवाद

यह मामला हाईप्रोफाइल पुष्परत्न रियलिटी प्रा. लि. डायरेक्टर अंकित जैन की कंपनी और राजीव अग्निहोत्री की जमीन के बीच का है। खजराना की इस जमीन को लेकर दोनों के बीच सौदे को लेकर विवाद चल रहा है। अग्निहोत्री ने जमीन का सौदा पुष्परत्न से किया है।

इसका विवाद मध्यस्थ कोर्ट में चल रहा है। इस जमीन पर लक्ष्मीबाई नाम की महिला झोपड़ी बनाकर रह रही है। जमीन सर्वे नंबर खजराना 388/2/14 की करीब पांच हजार वर्गफीट (0.047 हेक्टेयर) है। पुष्परत्न कंपनी भी मुंबई के एक ग्रुप द्वारा अभी संभाली जा रही है।

इस तरह बना फर्जी आदेश

पड़ी को हटाने व रियलिटी द्वारा तहसीलदार कोर्ट में साल 2023 में केस लगाया गया। लेकिन जमीन को लेकर मध्यस्थ कोर्ट में केसइसके बाद पुष्परत्न द्वारा इसमें अपर आयुक्त तरुण भटनागर की कोर्ट में केस लगाया गया। इसमें फिर 20 अप्रैल 2026 को यह आदेश हुआ, जो फर्जी है। इस आदेश में तहसीलदार और एसडीएम घनश्याम धनगर की कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए कंपनी पुष्परत्न को कब्जे के आदेश दे दिए। आदेश में लिखा गया कि चौकीदार लक्ष्मीबाई के पास जमीन को लेकर कोई दस्तावेज नहीं है, ऐसे में कब्जा नहीं बनता है। इसे खाली कराया जाए।

फर्जी आदेश पर तहसीलदार से दल बनवा लिया

फिर तरुण भटनागर के फर्जी हस्ताक्षर से बना फर्जी आदेश अग्रवाल ने एसडीएम और तहसीलदार जूनी इंदौर के पास पेश करवाया। दोनों पर लगातारडाला कि वे आदे करवाएं और कब्जा दिलवाटाइसके बाद 20 अगस्त को इसमें तहसीलदार ने कब्जा दिलाने के लिएइस नोटिस के खिलाफ लक्ष्मीबाई हाईकोर्ट गई और इसमें रविवार को अर्जेंट हियरिंग हुई, जिसमें इस फर्जी आदेश की पोल खुली। इसके बाद जांच शुरु हुई।

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