इंदौर के भागीरथपुरा के बाद मुसाखेड़ी क्षेत्र स्थित अजय बाग कॉलोनी के करीब 400 परिवार पिछले दो महीने से दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। नर्मदा लाइन से आने वाला पानी काला और बदबूदार होने के कारण रहवासियों में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
रहवासियों के अनुसार सुबह पानी की सप्लाई शुरू होने के बाद करीब 15 मिनट तक नलों से काला पानी निकलता है। इस पानी से गटर जैसी दुर्गंध आती है, जिससे लोग इसे पीने और घरेलू उपयोग में लेने से भी डर रहे हैं। उनका कहना है कि दूषित पानी के कारण कई परिवारों के सदस्य बीमार भी पड़ रहे हैं।

नर्मदा पाइप लाइन से आ रहा गंदा पानी।

नल आने पर शुरू के 15 मिनट काला और बदबूदार पानी निकलता है।

शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं
अजय बाग कॉलोनी नगर निगम के जोन-18, वार्ड क्रमांक-52 में आती है। कॉलोनी में अधिकांश घरों में बोरिंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में रहवासी पूरी तरह नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर हैं। मजबूरी में लोगों को या तो दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है या फिर पीने के लिए बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और नगर निगम के 311 ऐप पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन बिना स्थायी समाधान किए शिकायतों का निराकरण दिखाकर उन्हें बंद कर दिया गया।
पाइपलाइन की जांच की मांग
कॉलोनी के रहवासी ओमप्रकाश शर्मा, अजय वर्मा और एडवोकेट राजेश यादव ने बताया कि पिछले दो महीनों से स्थिति लगातार बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर नर्मदा जलापूर्ति लाइन की जांच करे और दूषित पानी की समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करे।रहवासियों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष सामूहिक विरोध दर्ज कराएंगे।