रीवा में कांग्रेस ST प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अमित कोल की चाकू मारकर हत्या: HDFC बैंक के पास सिगरेट लेने पहुंचे थे, रात 10 बजे 3 बदमाशों ने किया हमला; शोर मचने पर बाइक छोड़कर फरार, CCTV से तलाश जारी

रीवा में मंगलवार रात कांग्रेस एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अमित कोल की सरेराह चाकू मारकर हत्या कर दी गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांति विहार स्थित HDFC बैंक के पास दो बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया।

गंभीर रूप से घायल अमित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। रात करीब 10 बजे अमित कोल शांति विहार स्थित HDFC बैंक के पास एक दुकान पर सिगरेट लेने पहुंचे थे। इसी दौरान हमला हुआ।

पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिन्हें आरोपी भागते समय छोड़ गए थे। वारदात के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- बिना विवाद के हमला किया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बिना किसी बहस या विवाद के सीधे अमित को निशाना बनाया और लगातार चाकू से वार किए। हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। कई गंभीर चोटों के कारण वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।

पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिन्हें आरोपी भागते समय छोड़ गए थे।

लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की

हमले के दौरान लोगों ने शोर मचाया और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया। भीड़ बढ़ती देख आरोपी दोनों मोटरसाइकिलें छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल अमित को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह, दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो सीएसपी, थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने आरोपियों की छोड़ी गई दोनों मोटरसाइकिलें जब्त कर उनके रजिस्ट्रेशन नंबर और तकनीकी जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया।

पुलिस बैंक सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाश रही पुलिस

वारदात HDFC बैंक के नजदीक हुई, इसलिए पुलिस बैंक सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों में आरोपियों की गतिविधियां और भागने का रास्ता कैद हुआ होगा।दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी के आधार पर हमलावरों की पहचान में जुटी है।

हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या कोई साजिश?

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच में पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।एसपी डॉ. गुरुकरण सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।

आदिवासी समाज और कांग्रेस में आक्रोश

घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज में भारी नाराजगी है। बड़ी संख्या में समर्थक अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर के व्यस्त इलाके में ऐसी वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

3 दिन बाद पुलिस से पिता का रिटायरमेंट

अमित कोल के पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हैं। वे वर्तमान में अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी हैं। 31 जुलाई को उनका रिटायरमेंट है। रिटायर होने से से तीन दिन पहले बेटे की हत्या ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

आरोपियों की पहचान कर खुलासा करेंगे- पुलिस

फिलहाल पुलिस हत्या के हर पहलू की जांच कर रही है। जब्त मोटरसाइकिलों, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।

वार्ड क्रमांक-4 से पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके थे

अमित कोल रीवा कांग्रेस के सक्रिय नेताओं में गिने जाते थे। वह कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष थे और वार्ड क्रमांक-4 से पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुके थे। सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी।