दुःख मना रही हैं ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ की उपलब्धियाँ… कौशल किशोर चतुर्वेदी।

दुःख मना रही हैं ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ की उपलब्धियाँ…
सागर जिले की बंडा तहसील में नकली शराब से हुईं मौतों ने सरकार और खासतौर पर पुलिस विभाग को यह बता दिया है कि ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ अभी अपने उद्देश्यों की पूर्ति से कोसों दूर है। जुलाई के महीने में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियों ने पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल बना दिया था। यह उपलब्धियाँ अब सागर में हुई मौतों के बाद दु:ख मनाने को मजबूर हैं। और गुहार लगा रही हैं कि ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ की सफलता तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक कि पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग कंधे से कंधा मिलाकर साथ नहीं देता। और दोनों ही विभाग ऐसे अभियानों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अंजाम तक ले जाने का मन बनाएंगे तभी नशे से दूरी की कल्पना संभव होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौतों के मामलों मे सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। पुलिस विभाग ने भी इस प्रकरण में बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी एसआई पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शराब के मामले में दु:खद घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में समान रूप से जिम्मेदार मानते हुए उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। और सरकार यह भरोसा दिला रही है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। नकली शराब के बाद इंदौर से यह खबर वायरल हो रही है कि इंदौर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई में दो दिनों में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध मदिरा की 1000 से अधिक पेटियां जब्त की गईं हैं। यह दोनों मामले यह साबित कर रहे हैं कि प्रदेश में नकली शराब और अवैध शराब का गोरखधंधा खूब फल-फूल रहा है।
फिलहाल यही कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मृत्यु और गंभीर स्थिति की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान और जागरूकता पर नए सिरे से सवाल उठ रहे हैं। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने और समाज को जागरूक करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए गए हैं, जिनमें नुक्कड़ नाटक और पोस्टरों के जरिए संदेश दिए गए थे। इस घटना के बाद अवैध, नकली और मिलावटी शराब के खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 15 से 30 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक साथ 1,75,451 लोगों को ऑनलाइन नशामुक्ति की शपथ दिलाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (लंदन) में नाम दर्ज कराया। इसके साथ ही 8,534 से अधिक लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर समाज को कड़ा संदेश दिया। इस पखवाड़े में ऑफलाइन माध्यम से लगभग 90 लाख और ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 13 करोड़ से ज्यादा नागरिकों तक नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाया गया। इंदौर पुलिस ने राज्य में पहली बार सभी थानों को ‘नारकोटिक्स ड्रग डिटेक्शन किट’ उपलब्ध कराईं, जिससे एनडीपीएस मामलों की जांच अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुई है। शिवपुरी, डिंडौरी, ग्वालियर समेत सभी जिलों में मैराथन दौड़, लंबी कूद, खेल प्रतियोगिताओं और वीडियो संदेशों के जरिए युवाओं को जोड़ा गया। प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों ने मिलकर जीवनभर नशा न करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में प्रदेश में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत बालाघाट पुलिस द्वारा नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित अभिनव पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। एक मिनट की सामूहिक शपथ में जुड़े 1.25 लाख विद्यार्थी और 5 लाख से अधिक आनलाइन नागरिक
वर्ल्ड बुक आफ रिकॉर्ड्स ने बालाघाट पुलिस को सर्टिफिकेट आफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया और
इंदौर, बड़वानी और बुरहानपुर पुलिस ने भी अपनी उपलब्धि विश्व रिकॉर्ड में दर्ज करा कराई थी।
खैर, इन उपलब्धियों को कम करके नहीं आंका जा सकता, लेकिन यह बात भी सही है कि यह उपलब्धियाँ तब तक कागजी साबित होती रहेंगी जब तक कि वास्तव में सफलता धरातल तक नहीं पहुँचती है। जब तक कि
विपक्ष यह आरोप लगाना बंद नहीं करता कि पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से ही नकली, जहरीली और अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है… फिलहाल, तो यही कहा जा सकता है कि ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान’ की उपलब्धियाँ एक महीने बाद ही दुख मनाने को मजबूर हो गई हैं…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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