लखनऊ:उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक में मिली नकली करेंसी मामले की जांच तेज है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा एक्शन लेते हुए फरार चल रहे बैंक मैनेजर अमित कुमार को धर दबोचा है. मामला करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों से जुड़ा है.

सहारनपुर नकली नोट मामले में बैंक मैनेजर अरेस्ट.
अमित कुमार FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल था. अब जांच एजेंसी उससे ये उगलवाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी तादात में नकली नोट वहां पहुंचे कैसे?
फरार बैंक मैनेजर गिरफ्तार
NIA के मुताबिक, अमित कुमार की करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचाने की कथित साजिश में अहम भूमिका सामने आई थी. उनको RC-02/2026/NIA/LKW मामले में अरेस्ट किया गया है. NIA ने अमित कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी दी है. मामले की जांच अभी जारी है. नकली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ ही इसमें शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी कोशिश जांच एजेंसी कर रही है.

करेंसी चेस्ट में मिले नकली 17 करोड़
NIA ने बताया कि 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को PNB के करेंसी चेस्ट में बड़ी तादात में नकली करेंसी होने की सूचना मिली थी. जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए. शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया.
NIA ने मुख्य आरोपी को धर दबोचा
इसे लेकर सदर बाजार थाने में FIR दर्ज की गई. BNS की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली. उन्होंने 3 सितंबर 2026 को केस को री-रजिस्टर कर जांच शुरू की. जांच के दौरान मैनेजर अमित कुमार का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार चल रहा था. एजेंसी ने तलाशकर अब उसे गिरफ्तार कर लिया है

करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचे कैसे?
NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी तादात में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचे कैसे.इसमें बैंक कर्मचारियों की क्या भूमिका थी और इस नेटवर्क में बाहर के कौन-कौन लोग शामिल हैं. यह भी जांच हो रही है कि क्या नकली नोटों को बैंकिंग सिस्टम में खपाने या असली करेंसी के साथ मिलाने की कोई सुनियोजित कोशिश की गई थी. अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद NIA को इस मामले की कड़ियां जोड़ने में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.
नकदी निकासी पैटर्न की हो सकती है जांच
जांच अब उन बैंक अकाउंट तक भी पहुंच सकती है, जिनसे बड़ी तादात में नकदी निकाली गई थी.NIA नकदी निकासी पैटर्न की जांच कर सकती है. इस दौरान ये देखा जाएगा कि संबंधित खाता धारकों ने नकदी कब निकाली और इसका इस्तेमाल कैसे किया गया. बैंक का कैश निकाली रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, चेक, स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है.