इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। दरअसल फेसबुक पर ड्राय फ्रूट का विज्ञापन देखकर ऑर्डर करना एक महिला को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार कनाड़िया निवासी गुरविंदर कौर ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई कि फेसबुक पर दिखे एक ड्राय फ्रूट विज्ञापन के जरिए उनके साथ ऑनलाइन ठगी हुई। जांच के बाद पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज कर लिया।

वहीं शुरुआती जानकारी के मुताबिक ठग ने भरोसा जीतने के लिए पहले छोटी रकम वापस भेजी और फिर अलग-अलग कोड भेजकर महिला के खाते से बड़ी रकम निकाल ली।
1500 रुपए के ऑर्डर से शुरू हुआ पूरा खेल
मामले में जानकारी देते हुए गुरविंदर कौर ने बताया कि 10 सितंबर को फेसबुक पर ‘श्रीराम ड्राय फ्रूट’ नाम से अंजीर और बादाम बेचने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल करने पर आरोपी ने होम डिलीवरी के लिए 1500 रुपए ऑनलाइन जमा करने को कहा। भुगतान करने के कुछ देर बाद व्हाट्सएप पर ऑर्डर कन्फर्म होने का संदेश भी मिला जिससे उन्हें लगा कि ऑर्डर सही तरीके से बुक हो गया है। वहीं दो दिन बाद आरोपी ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए व्हाट्सएप कॉल किया। उसने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट वापस कर कैश ऑन डिलीवरी कर दी जाएगी। भरोसा दिलाने के लिए पहले एक रुपए वापस भेजने की बात कही और फिर पेटीएम के जरिए 11 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसी छोटी रकम ने महिला का भरोसा बढ़ा दिया।
जाल में फसती गयी महिला
वहीं इसके बाद आरोपी ने 1500 रुपए लौटाने के नाम पर एक कोड भेजा और उसे कॉपी-पेस्ट करने को कहा। फिर दूसरा कोड भेजकर 3 हजार रुपए वापस मिलने का झांसा दिया लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान खाते से पैसे निकलने लगे। महिला ने बताया कि पहले 45 हजार रुपए कटने का संदेश आया। इसके बाद लगातार ट्रांजैक्शन होते गए और कुल 91 हजार रुपए खाते से ट्रांसफर हो गए। अचानक रकम कटने पर उन्होंने अपने पति को जानकारी दी। दोनों ने आरोपी से संपर्क कर पैसे वापस करने की बात कही लेकिन ठग ने एक और चाल चली।
पुलिस ने शुरू की जांच
दरअसल महिला के पति ने आरोपी से कहा कि वे स्कैनर भेजेंगे जिस पर रकम वापस कर दी जाए। इसके जवाब में आरोपी ने व्हाट्सएप पर 91 हजार रुपए ट्रांसफर होने का स्क्रीनशॉट भेज दिया। हालांकि बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि कोई रकम वापस नहीं आई थी। इसके बाद गुरविंदर कौर ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद कनाड़िया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस नंबर और डिजिटल पेमेंट माध्यम का इस्तेमाल किया गया उसका संबंध किन लोगों से है और रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई।