बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में मध्य प्रदेश के नेताओं की रस्साकशी उजागर हो गई। मौका था गुरुवार को इंदौर में आयोजित स्वामित्व अधिकार योजना में फ्री रजिस्ट्री बांटने के अभियान की शुरुआत का।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान पार्टी महामंत्री गौरव रणदिवे को आयोजन का ‘सूत्रधार’ बताया। इसका मतलब कम समय में बड़े आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और उसे सफल बनाने में रणदिवे की भूमिका को दर्शाना था।
लेकिन जब नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय संबोधन के लिए आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री की इसी लाइन को पकड़ लिया। विजयवर्गीय ने कहा-इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। विजयवर्गीय के समर्थक इसे उनके चिर-परिचित राजनीतिक अंदाज का हिस्सा बता रहे हैं जबकि संगठन के भीतर इसे अलग-अलग अर्थों में देखा जा रहा है।

रणदिवे का कद बढ़ने से बदले सियासी समीकरण
इससे पहले गौरव रणदिवे जब इंदौर भाजपा के नगर अध्यक्ष बने थे, तब उन्हें विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला के समर्थन से यह जिम्मेदारी मिलने की बात राजनीतिक हलकों में कही जाती थी। बाद में पार्टी में रणदिवे का कद बढ़ने से स्थानीय राजनीति के समीकरण बदले।
अब कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में विजयवर्गीय और रणदिवे एक ही मंच पर नजर आते हैं, लेकिन दोनों के बीच बातचीत, बॉडी लैंग्वेज और राजनीतिक टिप्पणियां अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं।हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मौजूदा संबंधों को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई औपचारिक विवाद सामने नहीं आया है।
पिछले साल विजयवर्गीय ने किया था ‘पौधे’ वाला तंज
पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने राजनीतिक संदर्भ में कहा था कि मैं अपने द्वारा उगे हुए पौधों को नहीं काटता।उस समय भी उनके इस बयान को संगठन में उनके पुराने राजनीतिक सहयोगियों और उनसे जुड़े नेताओं के संदर्भ में देखा गया था। अब स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर किया गया ताजा तंज फिर से सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
कांग्रेस नेता बोले- भाजपा में गुटबाजी चरम पर
मामले में कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि भाजपा में गुटबाजी कितने चरम पर है, यह उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम में सामने आ गया।एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की तारीफ करते हैं। दूसरी ओर, मंत्री विजयवर्गीय कहते हैं कि उन्हें इसका राज तो आज पता चला। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच कितना समन्वय है, यह टिप्पणी इस बखूबी बयान करती है