यह कहना है जबलपुर के कमर्शियल टैक्स विभाग में पदस्थ अपर आयुक्त (एडिशनल कमिश्नर) सपन कुमार सोनटके का। उन्होंने अपने पूर्व सुरक्षा कर्मी के खिलाफ जबलपुर के बेलगाम थाने में FIR दर्ज कराई है।
एडिशनल कमिश्नर सपन कुमार ने अपने पूर्व गार्ड के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
सपन कुमार ने बताया कि 2008-2009 में उनकी पोस्टिंग ग्वालियर में थी। वहां एक एजेंसी के जरिए भिंड निवासी मंजू सिंह यादव को बतौर गार्ड हायर किया था। उसे हर माह 3300 रुपए सैलरी देता था। बाद में तबादला सतना हो गया। फिर इंदौर, सागर समेत कई जिलों में पदस्थ रहा। इस दौरान मैं तो उसे भूल गया था।

सपन कुमार सोनटके अभी वाणिज्य कर विभाग जबलपुर में पदस्थ हैं।
ढाई साल तक परिवार का हिस्सा बन हर राज जाना
अपर आयुक्त सपन कुमार सोनटके मूलतः नर्मदापुरम जिले के इटारसी के रहने वाले हें। उन्होंने ग्वालियर में पोस्टिंग के दौरान 2007 में रवि सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए मंजू सिंह यादव को गार्ड रखा था।
मंजू को 3300 रुपए मासिक वेतन मिलता था, जिसमें से 300 रुपए कंपनी का कमीशन था। कमीशन बचाने के लिए मंजू ने कंपनी छोड़कर सीधे उनके यहां काम करने की इच्छा जताई। जिसे सपन कुमार ने मानवीय आधार पर स्वीकार कर लिया था।
करीब ढाई साल तक काम करने के दौरान मंजू अधिकारी के परिवार के बीच इस तरह घुल-मिल गया कि घर में आने-जाने वालों से लेकर तमाम गतिविधियों की उसे जानकारी हो गई।

जुलाई 2026 में आया एक कॉल
अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 में ग्वालियर के मनोज यादव नाम के व्यक्ति का सोनटके के पास फोन आया। उसने बताया कि बाड़ा स्थित एपेक्स बैंक में आपका पुराना गार्ड मंजू मिला था।
वह कह रहा था कि उसने अपर आयुक्त के खिलाफ उच्च अधिकारियों से झूठी शिकायत की है।

ब्रोकर बनकर कराई बात, मांगे 20 लाख रुपए
27 जुलाई 2026 को सपन कुमार ग्वालियर में अपना सामान लेने गए। वहां मनोज यादव आरोपी मंजू को लेकर पहुंचा। वहां उनकी मुलाकात सपन कुमार से हुई। उन्होंने मंजू से शिकायतें करने की वजह पूछी तो उसने घर न होने और आर्थिक तंगी का हवाला देकर प्लॉट की मांग रख दी।
नाराजगी जताने पर उसने सीधे 20 लाख रुपए मांग लिए। सच्चाई जानने के लिए अधिकारी ने सागर पदस्थापना के समय के अपने पूर्व कर्मचारी रवि की मदद ली। रवि ने ब्रोकर बनकर मंजू से बात की।
बातचीत के दौरान मंजू ने पहले 400, फिर 600 और आखिर में 800 वर्गफीट का प्लॉट या तैयार मकान की मांग की। बाद में उसने मकान के बदले नकद 20 लाख रुपए देने की बात कही। रवि ने इस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली।

FIR दर्ज, आरोपी की तलाश में टीम रवाना
वाणिज्यकर अपर आयुक्त ने जबलपुर के बेलबाग थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और कॉल रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे।
