मोदी की सोच को आकार देगा मोहन का यह कॉरिडोर … कौशल किशोर चतुर्वेदी

 

मोदी की सोच को
आकार देगा मोहन का यह कॉरिडोर …
मध्यप्रदेश के औद्योगिक इतिहास में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। यह कॉरिडोर राज्य के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कॉरिडोर केवल एक इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि इसकी परीधि में आने वाले 7 जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज विकास की बयार लेकर आएगा। इस कॉरिडोर से इन क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आएगा। उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक, टेक्नोलॉजी और सेवाओं का एक इंटीग्रेटेड नेटवर्क एवं चेन तैयार होगी।
मोहन कैबिनेट में हुए इंटीग्रेटेड कॉरिडोर निर्माण के फैसले को विकास की नजरिए से एक बेहतर कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस फैसले से अभिभूत नजर आ रहे हैं। वह इसे मोदी विजन पर आधारित ऐसा सृजन मान रहे हैं जो मध्य प्रदेश में विकास का इतिहास रचेगा। मोहन का मानना है कि लगभग 600 किलोमीटर लम्बाई वाला यह इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भविष्य में प्रदेश के तीन मेट्रोपोलिटन रीजन इंदौर, भोपाल और जबलपुर को सीधे जोड़ेगा। इससे मध्यप्रदेश में भारत का सबसे बड़ा इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल बेल्ट तैयार करने का सरकार का संकल्प पूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस नए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 3 से 6 महीने में भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद 6 से 12 महीने में उद्योग क्षेत्रों और जरूरी इन्फ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम शुरु हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च 2028 के अंत तक 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि विकसित करने, 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश जुटाने और 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए राज्य सरकार अपने पूर्ण स्वामित्व में एक विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) कंपनी स्थापित करने जा रही है, इसमें प्रारंभिक रूप से 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस नए कॉरिडोर से पूरे महाकौशल क्षेत्र विशेषकर जबलपुर को विशेष लाभ मिलेगा। प्रदेश की संस्कारधानी (जबलपुर), प्रशासनिक राजधानी (भोपाल) और औद्योगिक राजधानी (इंदौर) से एकल कॉरिडोर से हमेशा के लिए जुड़ जाएगी। जबलपुर क्षेत्र को भविष्य में इंडस्ट्रियल हब के साथ-साथ इंजीनियरिंग, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस एंसिलरी, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केन्द्र बनाया जाएगा। इसी के साथ नरसिंहपुर और रायसेन जिले को कृषि प्रसंस्करण और फूड पार्क सेक्टर में विकास का लाभ मिलेगा। भोपाल क्षेत्र को टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, नॉलेज सर्विसेज और साझा व्यावसायिक अवसंरचना का केन्द्र बनाया जाएगा। सीहोर-देवास क्षेत्र को फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और इंदौर क्षेत्र को आईटी एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स सहित अन्य निवेश क्षेत्रों में विकास की सौगातें मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के पूर्ण होने पर निवेशकों को बिजली, पानी, सड़क सहित सभी प्रकार की सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। मध्यप्रदेश भारत का सबसे फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास की परियोजना है। इसके लिए सरकार जल्द से जल्द सभी प्रकार के प्रबंध करने जा रही हैं। वास्तव में यह कॉरिडोर मोदी की सोच पर मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास के एक नए युग में लेकर जाएगा। सबसे बड़ी बात यही है कि समय सीमा में मोहन की योजना के मुताबिक कॉरिडोर का
विकास संभव हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का औद्योगिक मिशन
उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता है तो
यह भरोसा किया जा सकता है कि 2028 भाजपा और मोहन का होगा। इसमें जबलपुर भोपाल और इंदौर को जोड़ने वाला औद्योगिक गलियारा
सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा… यह उसी तरह होगा जिस तरह मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात में औद्योगिक विकास की बड़ी इबारत लिखी गई थी।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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