
रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में लोक कल्याण महाअनुष्ठान का आज साक्षी बनेगा लाल परेड ग्राउंड…भोपाल में पहली बार ऐसा भव्य ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान होगा सम्पन्न…
एक संत, जगत में रहने वाली संतति को सुख और समृद्धि का वरदान दिलाने के लिए तप और त्याग का आदर्श प्रतिमान गढ़कर एक मिसाल पेश करता है। और इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण पं. रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार के रूप में हम सबके सामने हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, सोमवार 26 अक्टूबर 2026 को रवि की तरह सबके जीवन में उजाला लाने को संकल्पित श्री रविशंकर महाराज के सान्निध्य में होने वाले जन-जन की सुखसमृद्धि के महाअनुष्ठान की साक्षी बनने जा रही है। यहां लाल परेड ग्राउंड में शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाम सात बजे जब हजारों हाथ हरिद्रा यानी हल्दी और कुमकुम के एक करोड़ अर्चन में सहभागी बनेंगे, तब भोपाल का नाम इतिहास में दर्ज हो जाएगा। इतना बड़ा अनुष्ठान भोपाल में पहली बार संपन्न होगा। और तब भूतो न भविष्यती की तर्ज पर संपन्न होने वाले इस अनुष्ठान के साक्षी बनने वाले सभी श्रद्धालु खुद ही रावतपुरा सरकार के बारे में यह सोचने को मजबूर हो जायेंगे कि वह वास्तव में ‘द्वितीयोनास्ति’ ही हैं यानि उनके जैसा संत कोई दूसरा नहीं हो सकता। 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान में सहभागी बनने वाले हैं और संभावना यह भी है कि यहां उम्मीद से बहुत अधिक आस्था का विशाल संगम देखने को मिल सकता है। क्योंकि शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस भव्य महाअनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। यह महाअनुष्ठान पूर्णतः निःशुल्क है। आयोजन में सभी श्रद्धालु सपरिवार सहभागी बन सकते हैं।
माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन (एक करोड़ अर्चन) महाअनुष्ठान के लिए परम पूज्य महाराज श्री का 12 साल बाद भोपाल आगमन 12 अक्टूबर 2026 को हुआ था। तब से अब तक माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान की श्रृंखला के अंतर्गत यहाँ शाहपुरा में प्रतिदिन प्रातःकालीन एवं सायंकालीन प्रार्थना सभाएँ तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं को पूज्य महाराज श्री के सान्निध्य में प्रार्थना एवं धार्मिक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। शरद पूर्णिमा के अवसर पर 26 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विराट माँ राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन अनुष्ठान की तैयारियों को लेकर संत शिरोमणि श्री रावतपुरा सरकार महाराज ने बताया कि माँ राजराजेश्वरी की आराधना का विधान अत्यंत गुप्त और गूढ़ है, इसमें कोण-दिशा-वास्तु का विशेष महत्व माना जाता है। पूज्य महाराज श्री ने बताया कि माँ राजराजेश्वरी, श्रीविद्या का अनुष्ठान भगवान सदाशिव द्वारा प्रदत्त ब्रह्मविद्या है, जिसमे एकांतिक साधना की पद्धति प्रचलित है लेकिन विश्व कल्याण और लोक मंगल की कामना से इसे भोपाल शहर में इतने विराट स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। मुख्य मंच, आचार्य पीठ, यजमान पीठ, भक्तों के लिए हजारों कलशों की श्रृंखला, हवन कुंड से लेकर इस परिक्षेत्र में बनने वाली प्रत्येक इकाई का एक विशेष माप और व्यवस्था है जो वास्तु शास्त्र के अनुसार स्थापित होती है। माँ का यह अनुष्ठान साधक की कुंडलिनी जागृत कर इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति के उच्चतम प्रतिमान स्थापित करता है। यह अनुष्ठान पूरी तरह वैज्ञानिक है। अन्य अनुष्ठानों से भिन्न यह किसी बाह्य शक्ति के बजाए आंतरिक शक्ति के जागरण की उपासना है। ब्रह्मपुराण में श्रीललितासहस्त्रनाम ब्रह्मविद्या माँ राजराजेश्वरी के एक हजार नाम का संकलन है जो कुंडिलिनी के मूलाधार में सुप्त अवस्था में विराजमान आंतरिक शक्ति को जागृत करता है यही इस विधान, ब्रह्मविद्या की पूर्णता है। पूर्णिमा के दिन माँ राजराजेश्वरी चन्द्रमा के मध्य में विराजमान होती है, इसलिए शरद पूर्णिमा के दिन अर्चन का विशेष महत्व है। एक करोड़ अर्चन के इस विराट महानुष्ठान में 50 हजार लोग 1100 आचार्यों की उपस्थिति एवं पूज्य रावतपुरा सरकार महाराज जी की संनिधि में इस अर्चन को पूर्ण करेंगे। आयोजकों के अनुसार श्रद्धालु लाल परेड ग्राउंड में सायं 5.30 बजे भारतीय पारंपरिक परिधान धारण कर अपना स्थान ग्रहण कर सकते हैं।
तो भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में माँ राजराजेश्वरी कोटि कुंकुमार्चन अनुष्ठान में लगभग 50 हजार भक्त एक साथ बैठकर माँ का एक करोड़ अर्चन करेंगे। काशी, हरिद्वार, वृन्दावन के साथ श्री रावतपुरा सरकार देवस्थानम के मुख्य वैदिक आचार्यों के साथ 1100 आचार्य इस महानुष्ठान को सम्पन्न कराएंगे। स्वसिद्धि प्रदान करने वाला कलयुग का यह सबसे प्रभावी अनुष्ठान है। जिसमें कोई भी व्यक्ति भारतीय पारम्परिक वेशभूषा धारण कर शाम 5.30 बजे तक लाल परेड ग्राउंड पहुंचकर अपना स्थान ग्रहण कर सकते है। यह आयोजन पूरी तरह निःशुल्क है। इस अनुष्ठान में उपयोग होने वाली सम्पूर्ण सामग्री श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट द्वारा प्रदान की जाएगी।
माँ राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन (एक करोड़ अर्चन) महाअनुष्ठान सनातन धर्म, श्रीविद्या और शक्ति साधना में अत्यंत दुर्लभ, कल्याणकारी एवं श्रेष्ठ माना जाता है। यह साधना महादेव की दी हुई ब्रह्म विद्या और श्रीविद्या का स्वरूप है, जिसकी खोज सदियों पहले ऋषि-मुनियों और संतों ने की थी। यह दिव्य महाअनुष्ठान धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, इन चारों पुरुषार्थों की सिद्धि कराने वाला माना गया है। अर्चन करने से साधक के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक तापों का नाश होता है, कर्मों में सिद्धि मिलती है और लक्ष्य की प्राप्ति होती है। यह अनुष्ठान जन्म-मृत्यु के भय, जरा (बुढ़ापे), व्याधि (बीमारियों) और जीवन के विभिन्न कष्टों का हरण करने वाली शक्ति प्रदान करता है। यह आयोजन व्यक्तिगत मनोकामनाओं के साथ-साथ विश्व कल्याण, उत्तम स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। तो आइए आज यानि 26 अक्टूबर 2026 को हम सभी
अपनी खुशहाली और सुख समृद्धि के लिए परम पूज्य संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान में सहभागी बनकर आस्था और श्रद्धा के महासागर में डुबकी लगाएं… और भोपाल में होने वाले सबसे बड़े धार्मिक महाअनुष्ठान में सहभागी बनकर इतिहास रचें।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।