₹120 वाली चकरी ₹200 में, काजू कतली ₹1,300 किलो: भोपाल में महंगाई ने फीकी की दिवाली की रौनक, पटाखे 40% और ड्राई फ्रूट्स 30% तक महंगे; पुताई से सोना-चांदी तक बढ़े दाम, 18-20% बढ़ा त्योहार का बजट।

यह कहना है शर्मिला राणे का, जो भोपाल के न्यू मार्केट में दिवाली की खरीदारी करने पहुंची थीं। उनका अनुभव अकेले का नहीं है। पिछले साल जिस बजट में घर की पुताई, नए कपड़े, मिठाइयां और पटाखे आ जाते थे, इस बार वही सामान खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

 बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों से बात की। सामने आया कि कच्चे माल, पैकेजिंग, दूध-घी और मजदूरी की लागत बढ़ने से इस साल दिवाली का बजट 18 से 20% तक बढ़ गया है

पटाखे: ₹120 वाली चकरी अब ₹200 की, पटाखों के दाम 40% तक बढ़े

दिवाली पर पटाखों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

  • अनारदाना: पिछले साल ₹150 का पैकेट इस बार ₹200 में मिल रहा है।
  • चकरी: ₹120 वाली चकरी की कीमत बढ़कर ₹200 हो गई है।
  • फुलझड़ी, रॉकेट और सुतली बम: इनके दाम 30 से 40% तक बढ़े हैं।

भोपाल के पटाखा कारोबारी जीसान बताते हैं,केमिकल, बारूद, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट सब महंगे हो गए हैं। थोक में माल महंगा मिलने के कारण हमने इस बार स्टॉक भी कम रखा है

कारोबारियों के मुताबिक पटाखों के दाम 30 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

2. घर की पुताई: पेंट की बाल्टी ₹1,000 महंगी, मजदूरी भी बढ़ी

दिवाली से पहले घर की पुताई कराना भी महंगा हो गया है। पेंटर राजू के मुताबिक, पिछले साल ₹6,000 में मिलने वाली पेंट की बाल्टी अब ₹7,000 की हो गई है। पुट्टी, प्राइमर और दीवारों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम भी 10 से 15% बढ़े हैं।

मजदूरी बढ़ने से पुताई का खर्च भी बढ़ गया है। पिछले साल जिस घर की पुताई ₹20,000 में होती थी, इस बार उसके लिए ₹25,000 तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

मिठाइयां: काजू कतली ₹1,300 किलो, मावा मिठाई के दाम भी बढ़े

दूध, देसी घी और चीनी महंगे होने से इस बार मिठाइयां भी महंगी हो गई हैं।

  • काजू कतली: पिछले साल ₹1,100 से ₹1,200 किलो मिलने वाली काजू कतली अब ₹1,300 किलो में बिक रही है।
  • मावा मिठाई: कीमत ₹600 से बढ़कर ₹650 प्रति किलो हो गई है।

4. कपड़े और बाजार: दुकानों पर ग्राहकों की संख्या 33% घटी

कपड़ा कारोबारी भारत रघुवंशी के मुताबिक, महंगाई और ऑनलाइन शॉपिंग के कारण दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घटी है। वे बताते हैं,

सोना-चांदी और गाड़ियां: पिछले साल से महंगी हुई बड़ी खरीदारी

धनतेरस पर सोना-चांदी और वाहन खरीदने का खर्च भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है।

  • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): कीमत 20 अक्टूबर 2025 को ₹1,31,272 थी, जो 3 नवंबर 2026 को बढ़कर ₹1,41,111 हो गई। यानी एक साल में ₹9,839 (करीब 7.5%) की बढ़ोतरी हुई।
  • चांदी (1 किलो): कीमत ₹1,68,661 से बढ़कर ₹1,84,273 हो गई। यानी ₹15,612 (करीब 9.3%) की बढ़ोतरी हुई।

वाहन: कार और स्कूटर की कीमतें भी बढ़ीं

मारुति डिजायर (LXi) की एक्स-शोरूम कीमत पिछले साल ₹6,25,674 थी, जो अब ₹6,30,600 हो गई है। यानी ₹4,926 (करीब 0.8%) की बढ़ोतरी हुई। होंडा एक्टिवा 110 भी पिछले साल के मुकाबले ₹1,989 महंगी हुई है।

डेकोरेशन के सामान के दामों में भी 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

ड्राई फ्रूट्स 30% तक महंगे, बादाम-पिस्ता की खरीद घटाई

भोपाल के थोक बाजार में एक महीने के दौरान बादाम, पिस्ता, काजू और किशमिश के दाम 8 से 30% तक बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा तेजी कैलिफोर्निया बादाम और ईरानी नमकीन पिस्ता में आई है। कारोबारियों के मुताबिक, आयातित मेवों की सप्लाई लागत और हवाई मालभाड़ा बढ़ने से कीमतें बढ़ी हैं।

मेवा कारोबारियों के मुताबिक, एक महीने में बादाम ₹200 से ₹240 और पिस्ता ₹200 से ₹250 प्रति किलो तक महंगा हुआ है। काजू और किशमिश के दाम भी बढ़े हैं। कीमतें बढ़ने से ग्राहक बादाम, पिस्ता और काजू कम खरीद रहे हैं।

उनकी जगह पंपकिन, सनफ्लावर, वाटरमेलन, चिया और मस्कमेलन सीड्स जैसे विकल्पों की मांग बढ़ी है। खजूर की मांग भी बढ़ रही है। दूसरी ओर, मखाने के दाम ₹1,500 से घटकर करीब ₹1,100 प्रति किलो रह गए हैं। यानी इनमें लगभग 27% की गिरावट आई है।

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