
किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बात रखने वाले मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने दोटूक लहजे में कहा है कि अगर सरकार को लगता है कि मैं उनका नुकसान कर रहा हूं तो मैं हट जाऊंगा और अपनी बात बिना गवर्नर रहते हुए रखूंगा. सत्यपाल मलिक ने कहा कि सरकार को किसानों से तुरंत बात करना चाहिए, इससे सरकार को भी फायदा होगा और पार्टी को भी लाभ होगा।
दरअसल, बुधवार को मलिक डीडवाना से दिल्ली जाते वक़्त झुंझुनूं में कुछ देर के लिए रुके थे। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, किसान आदोलन जितना भी लम्बा चलेगा, देश का उतना ही नुकसान होगा। साथ ही कड़े शब्दों में नेताओं को घेरते को उन्होंने कहा कि यहां एक कुतिया मर जाती है तो नेताओं का शोकसंदेश आ जाता है। लेकिन आंदोलन करते-करते हमारे 250 से ज्यादा किसान मर गए, लेकिन किसी के मुंह से एक शब्द तक नहीं फूटा। यह सरासर ह्रदयहीनता है। किसान अपना सबकुछ छोड़-छाड़कर यहां बैठे हैं।
मलिक बोले- जल्द ही हल हो जाएगा मामला
मीडिया से बातचीत करते हुए मलिक ने आगे कहा कि, ऐसा मेरा मानना है कि इस आंदोलन का जल्द ही हल हो जाएगा। सब अपनी-अपनी जगह ठीक हैं। एमएसपी ही मुख्य मुद्दा है। जिसे कानूनी कर देंगे तो मामला हल हो जाएगा। मलिक ने कहा कि आंदोलन इतना समय नहीं चलना चाहिए। किसान आंदोलन में सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थ बनने के सवाल पर मलिक ने कहा कि वे संवैधानिक पद पर हैं। बिचौलिया नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि कृषि कानून पर किसान एकजुट हैं।
‘मैंने रुकवाई थी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी’
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों के समर्थन में बातें की हैं, 3 दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि सरकार एमएसपी को कानूनन गारंटी दे। साथ ही यह भी दावा किया था कि, उन्होंने ही किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी रुकवाई थी और पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों से दो अपील की थी, पहली यह कि किसानों को खाली हाथ नहीं भेजना है और दूसरी ये कि, टिकैत को गिरफ्तार करना ठीक नहीं है।