बंगाल: मारपीट में घायल भाजपा कार्यकर्ता की मां की मौत,अमित शाह बोले- ममता बनर्जी को लंबे समय तक दर्द देगा यह घाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं पर भाजपा कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार की बुजुर्ग मां शोभा मजूमदार को घर में घुसकर पीटने का आरोप लगा था। इस घटना पर काफी बवाल हुआ था।  बंगाल में पोस्टर वार छिड़ गया था। 85 वर्षीय शोभा मजूमदार की सोमवार सुबह मौत हो गई। शोभा मजूमदार की मौत को लेकर भाजपा ने एक बार फिर टीएमसी को घेरा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर शोभा मजूमदार की मौत की जानकारी दी। साथ ही इसको लेकर टीएमसी पर हमला बोला।

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर दुख व्यक्त किया। अमित शाह ने ट्वीट किया कि बंगाल की बेटी शोभा मजूमदार जी के निधन से मन व्यथित है। टीएमसी के गुंडों ने उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा कि उनकी जान चली गई। उन्होंने कहा कि शोभा मजूमदार के परिवार का दर्द और घाव ममता दीदी का लंबे समय तक पीछा नहीं छोड़ेगा। बंगाल, हिंसा-मुक्त कल के लिए लड़ेगा। बंगाल, हमारी बहनों और माताओं के लिए एक सुरक्षित राज्य की लड़ाई लड़ेगा।

वहीं टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने कहा कि बीजेपी वर्कर गोपाल मजूमदार की उसके घर के सामने ही टीएमसी समर्थक से एक महीने पहले झड़प हो गई थी. इस दौरान गोपाल नीचे गिर गया, जिसे देखकर उनकी मां को लगा कि उनके बेटे पर हमला हुआ है. वह गुस्सा में तेजी से भागते हुए आईं और इसी दौरान वह भी गिर पड़ी थी. सौगत राय ने साथ ही कहा कि कई बीमारियों से पीड़ित 85 वर्षीय महिला का आज निधन हो गया. मुझे उनके निधन का दुख है, लेकिन इसका गोपाल और टीएमसी समर्थक के बीच झड़प से कोई लेना-देना नहीं है.

दरअसल यहां निमटा थानाक्षेत्र के उत्‍तरी दमदम इलाके में 27 फरवरी को भाजपा कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार की टीएमसी समर्थक के साथ झड़प हो गई थी. वहीं मजूमदार की मां ने दावा किया कि उन्हें और उनके बेटे को तूणमूल कांग्रेस के लोगों ने पीटा है. उन्‍होंने बताया था कि हमलावर उन्‍हें धमकी देकर गए थे कि इस बारे में वो किसी को कुछ भी न बोलें. हालांकि पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा समर्थक की मां पर हमला नहीं किया गया और उनका चेहरा किसी बीमारी के कारण सूज गया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब बीजेपी ने हंगामा किया तो पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं. उन्‍होंने बताया था कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है, क्योंकि वे मास्क लगाए हुए थे. उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एवं पारिवारिक विवाद समेत उनकी बीमारी के दृष्‍टीकोण से देखकर की जा रही है.

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