
कोविड महामारी के दौरान परेशान कर देने वाली खबरों के बीच मामूली राहत इस बात से महसूस की जा सकती है कि मल्टीपल वेरियंट और डबल म्यूटेंट स्ट्रेन पर कोरोना की वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ असरदार है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी में यह निष्कर्ष निकाला गया है. ICMR की ओर से एक ट्वीट में कहा गया है कि स्टडी बताती है कि कोवैक्सीन SARS-CoV-2 के मल्टी वेरिएंट और डबल म्यूटेंट स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है. रिसर्च के अनुसार, कोवैक्सीन कोरोना वायरस के यूके वैरिएंट, ब्राजील वैरिएंट, दक्षिण अफ्रीका वैरिएंट के साथ-साथ डबल म्यूटेंट स्ट्रेन के खिलाफ भी प्रभावी है.
ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने SARS-CoV-2 वायरस के कई वेरिएंट्स को सफलतापूर्वक अलग किया है. जिनमें यूके वेरिएंट का B.1.1.7, ब्राजील वेरिएंट का B.1.1.28, साउथ अफ्रीकन वेरिएंट का B.1.351 शामिल हैं. ICMR-NIV ने यूके वैरिएंट के खिलाफ लड़ने में सक्षम कोवैक्सीन की क्षमता का प्रदर्शन किया. ICMR ने कहा कि कोवैक्सीन वायरस के डबल म्यूटेंट को बेअसर करने में सक्षम है.
वहीं बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपनी कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत तय कर दी है. सीआईआई ने कहा कि राज्य सरकारों को 400 रुपये प्रति डोज के हिसाब से कोविशील्ड मुहैया कराई जाएगी जबकि निजी अस्पतालों को यह 600 रुपये प्रति डोज दी जाएगी. इससे पहले एक इंटरव्यू में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कोविशील्ड की कीमत एक हजार रुपये प्रति डोज हो सकती है.