
कोरोना वायरस का कहर भले ही अभी थोड़ा कम हुआ हो, मगर यह अभी खत्म नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबरियस ने एक बार फिर से दुनिया को चेताया है कि कोरोना वायरस महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और दुनिया को इससे निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने बताया कि यह महामारी तभी खत्म होगी, जब दुनिया इसे समाप्त करना चाहेगी। यह हमारे हाथ में है। हमारे पास वे सभी उपकरण हैं जिनकी हमें आवश्यकता है। लेकिन दुनिया ने उन उपकरणों का अच्छी तरह से उपयोग नहीं किया है। समाचार एजेंसी एएनआाई के मुताबिक, उन्होंने बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही।
G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील: डब्ल्यूएचओ प्रमुख
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने G-20 देशों से भी आग्रह किया कि वे अपनी 40 फीसदी आबादी को कोवैक्स तंत्र और अफ्रीकी वैक्सीन अधिग्रहण ट्रस्ट (AVAT) में सक्रिय रूप से शामिल करें। प्रमुख ने दुनियाभर के देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील की। WHO की वेबसाइट के अनुसार, Covax और ACT का उद्देश्य दुनिया के हर देश के लिए विकास, उत्पादन और कोविड-19 के परीक्षण, उपचार और टीकों तक समान पहुंच में तेजी लाना है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने बूस्टर खुराक को लेकर भी जताई थी नाराजगी
बता दें कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना वायरस टीकों की बड़ी आपूर्ति वाले अमीर देशों से वर्ष 2021 के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने की अपील की थी। इसके साथ ही घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी भी जताई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा था कि वह दवा निर्माताओं के एक प्रमुख संघ की टिप्पणियों पर हैरान हैं, जिन्होंने कहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति इतनी अधिक है कि उन देशों में बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन दोनों की अनुमति दी जा सकती है।