Corona Vaccine Booster Dose: क्‍या कोरोना वैक्‍सीन की बूस्‍टर डोज की नहीं है जरूरत? जानें क्‍या बोले ICMR प्रमुख

देश में पिछले 543 दिनों बाद कोरोना के सबसे कम मामले सामने आए हैं. दरअसल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में 7 हजार 579 नए मामले दर्ज किए गए हैं. एक तरफ जहां संक्रमितों के मामलों में कमी आई है वहीं वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ाई जा रही है. इस बीच ICMR के प्रमुख डॉ बलराम भार्गव  ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर वैक्सीन  की जरूरत है अब तक इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है .उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि फिलहाल वयस्क आबादी को टीके की दूसरी डोज दी जाए.

सूत्रों के मुताबिक, भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की अगली बैठक में बूस्टर खुराक को लेकर चर्चा की जा सकती है. आईसीएमआर प्रमुख ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि सरकार की फिलहाल प्राथमिकता है कि संपूर्ण वयस्क आबादी को टीके की दूसरी खुराक लगाई जाए और न सिर्फ भारत में बल्कि की पूरी दुनिया में टीकाकरण सुनिश्चित हो.’ उन्होंने कहा कि कोविड के खिलाफ बूस्टर खुराक की जरूरत का समर्थन करने के लिए अब तक वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है.

वैक्‍सीन की बूस्टर डोज लगाने की संभावना पर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल में कहा था कि टीकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लक्ष्य है कि आबादी को टीके की दोनों खुराकें लगाई जाएं. उन्होंने कहा था कि विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर बूस्टर खुराक पर निर्णय लिया जाएगा.

मंत्री ने कहा था, ‘सरकार ऐसे मामले में सीधा फैसला नहीं ले सकती है. जब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और विशेषज्ञ टीम कहेगी कि बूस्टर खुराक दी जानी चाहिए, तब हम इस पर विचार करेंगे.’

उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा विशेषज्ञ की राय पर निर्भर रहे हैं, चाहे वह टीके का अनुसंधान हो, निर्माण हो या मंजूरी हो. अधिकारियों के अनुसार, भारत में लगभग 82 फीसदी पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक लग गई है, जबकि लगभग 43 फीसदी जनसंख्या का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है.

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