
देश में कोरोना के रोज आने वाले मरीज (Corona Cases) काफी कम हो गए हैं। हालांकि मास्क और सैनिटाइजर अब जीवन का हिस्सा जैसा लगने लगा है। कामकाज शुरू हो चुके हैं लेकिन लोगों के मन में एक डर जरूर रहता है। क्या कोरोना की लहर (Next Covid Wave) फिर आएगी? गनीमत रही कि कोरोना की तीसरी लहर देश में दूसरी लहर जितनी घातक नहीं थी और वैक्सीनेशन के चलते इससे देश मजबूती से लड़ सका। इस बीच, एक्सपर्ट ने आगाह किया है कि वायरस लंबे समय तक रहने वाला है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस पर 4 बड़े अपडेट-
1. क्या 6-8 महीने में फिर आने वाली है कोरोना की लहर?
पिछले कई दिनों से ओमीक्रोन के सब-वैरिएंट BA.2 की काफी चर्चा है। नैशनल आईएमए कोविड टास्क फोर्स के को-चेयरमैन डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा है कि बीए.2 सब वैरिएंट के चलते कोरोना की लहर आने की आशंका नहीं है। जो लोग मूल वैरिएंट बीए.1 से संक्रमित हो चुके हैं उन्हें दोबारा संक्रमण होने का खतरा भी कम है। हालांकि यह सुकून भरी बात कहते हुए उन्होंने लोगों को आगाह भी किया।
डॉ. जयदेवन ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, ‘वायरस हमारे आसपास ही रहने वाला है। यह लंबे समय तक आता जाता रहेगा। अगर अगला वैरिएंट आता है तो नई लहर आ सकती है। हम नहीं जानते कि अगली लहर कब आएगी, लेकिन पिछले अनुभव बताते हैं कि यह 6 से 8 महीने में आ जाती है।’
एक्सपर्ट ने साफ कहा है कि आगे क्या होगा पता नहीं लेकिन फिलहाल हम ओमीक्रोन के ढलान के दौर में हैं। इसके साथ ही हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वायरस हमारे आसपास ही है और हमें हर वो काम करना चाहिए जिससे हम इससे संक्रमित होने से बच सकें।
2. वैक्सीन लगवा ली तो भी बेफिक्र न रहे
अपने देश में और दुनिया में भी देखा गया है कि लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद बड़े बेफिक्र नजर आते हैं। हालांकि टास्क फोर्स के डॉ. जयदेवन का कहना है कि ओमीक्रोन वेव में देखा गया कि वैक्सीन लगाने के बाद भी यह संक्रमण होता रहा। यह भविष्य में नए वैरिएंट के आने पर भी देखने को मिल सकता है। BA.1 और BA.2 दोनों इम्युनिटी को चकमा देकर संक्रमण फैला सकते हैं भले ही आपने वैक्सीन ले रखी थी। ऐसे में साफ है कि वायरस अब भी हमें संक्रमित कर सकता है।
3. 12 से 18 साल के किशोरों के लिए वैक्सीन
तीसरी लहर में देखा गया कि कोरोना वैक्सीन के चलते संक्रमण उतना गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा। इस बीच अच्छी खबर है। भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 12 से 18 साल आयु वर्ग के लिए बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोर्बेवैक्स’ को सीमित आपात इस्तेमाल के वास्ते मंजूरी दे दी है। हालांकि, सरकार ने अभी तक 15 साल से कम उम्र वालों को टीका लगाने पर कोई फैसला नहीं लिया है। डीसीजीआई की ओर से 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लिए मंजूरी हासिल करने वाला ‘कोर्बेवैक्स’ तीसरा टीका बन गया है।
इससे पहले जाइडस कैडिला के जायकोव-डी और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को मंजूरी दी गई थी। इस समय भारत 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण करने के लिए कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विषय विशेषज्ञ समिति ने 14 फरवरी को 12 से 18 साल तक के बच्चों के लिए कुछ शर्तों के साथ बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोर्बेवैक्स’ को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की अनुशंसा की थी। इसके बाद डीसीजीआई ने यह मंजूरी दी है।
4. नया स्ट्रेन आया तो बढ़ेगी टेंशन
यूके में हाल ही में ओमीक्रोन और डेल्टा वेरिएंट्स के हाइब्रिड स्ट्रेन ‘डेल्टाक्रोन’ के मरीज मिले हैं। पहले यह माना जा रहा था कि लैब टेस्ट में गड़बड़ी हुई लेकिन बाद में नए स्ट्रेन की पुष्टि हो गई। इधर, भारत में पिछले 24 घंटों में COVID-19 के 13,405 नए मामले आए, 34,226 रिकवरी हुईं और 235 लोगों की कोरोना से मौत हुई। फिलहाल भविष्य के बारे में कोई कुछ नहीं कह सकता है लेकिन अपनी तरफ से हम वैक्सीन लगवाने के बाद सतर्कता तो बरत ही सकते हैं। खासतौर पर तब जब एक्सपर्ट कह रहे हैं कि यह वायरस इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।