
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले की आरोपी आरती दयाल को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। मामले में श्वेता विजय जैन इंदौर के केन्द्रीय जेल में बंद है। अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश जारी किया है। इस जमानत याचिका पर मध्यप्रदेश शासन ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वह 2 माह के भीतर भोपाल जिला कोर्ट मे चल रहे मानव तस्करी केस के ट्रायल समाप्त करेंगे। इस केस में और गवाहों का परीक्षण होना बाकी है।
पुरे मामले श्वेता विजय जैन और अभिषेक अब भी जेल में बंद हैं। 10 माह पहले इंदौर आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन और मोनिका को सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया था। आरोपी श्वेता विजय जैन की हनीट्रैप मामले में जमानत हो चुकी थी, लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं आ पाएगी। क्योंकि उसके खिलाफ भोपाल में मानव तस्करी में केस दर्ज था। इस कारण उसे रिहाई नहीं दी गई है।
अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने बुधवार को SLP 10135/21 पर जमानत स्वीकृत की। इस जमानत याचिका पर मध्यप्रदेश शासन की और से अधिवक्ता ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वह 2 माह के भीतर भोपाल जिला कोर्ट मे चल रहे मानव तस्करी केस के ट्रायल समाप्त करेंगे। परंतु शासन इस केस के ट्रायल को 2 माह मे समाप्त करने में असफल रही। हनी ट्रैप केस जो इंदौर न्यायालय में चल रहा। है उस प्रकरण में हाईकोर्ट ने पूर्व में ही आरोपी को जमानत दे दी दी थी।
कौन है आरती दयाल:-2 वर्ष पहले इंदौर में गिरफ्तारी के दौरान सामने आए दस्तावेजों में आरती के पति का नाम पंकज दयाल बताया गया था, लेकिन दावा यह किया जा रहा था कि आरती ने फरीदाबाद (हरियाणा) के एलजीएम नगर में रहने वाले अनिल वर्मा के साथ शादी की थी। संबंध बिगड़ने पर आरती ने छतरपुर न्यायालय और कुटुंब न्यायालय में अनिल वर्मा, उसके पिता और मां के खिलाफ मार्च 2014 में प्रकरण दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। इसके बाद आरती ने अनिल को छोड़ दिया। 2017 में वह छतरपुर के ही देरी रोड पर रहने वाले पंकज दयाल के संपर्क में आई। दोनों बगैर शादी किए ही लिव इन में रहने लगे थे।
यह है मामला:-क्राइम ब्रांच ने भोपाल से तीन और इंदौर से दो महिलाओं समेत ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। आरोपी महिलाओं ने इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को हनी ट्रैप में फंसाकर वीडियो के जरिए तीन करोड़ रुपए की मांग की थी। पलासिया थाने में सभी आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी भटनागर और ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था ।पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह महिलाएं नेताओं और अफसरों के पास कॉल गर्ल भेजकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाती थीं। उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थीं। कुछ दिन पहले भी गिरोह की मुखिया ने एक सीनियर अफसर के साथ का आपत्तिजनक वीडियो वायरल किया था।