इंदौर । फर्जी SDM ने कई को दी फर्जी नौकरी:कलेक्टर के नाम से जारी किया फर्जी नियुक्ति पत्र, 2 लाख लेकर गार्ड ‘बना’ दिया

देश में लगातार फर्जी मामलों में बढ़ोतरी हो रही हैं। ऐसे मध्यप्रदेस में नकली महिला SDM बनकार रौब झाड़ना और लोगो को धमकाना उसे महंगा पड़ गया। इंदौर के व्यापारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने फर्जी एसडीएम को धर दबोचा।
उसके पास राज्यपाल मंगुभाई पटेल के साइन किया हुआ फर्जी लेटर भी मिला है। क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि वह MPPSC क्लियर न कर सकी तो उसने फर्जी अफसर बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। व्यापारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

नीलम ने खुद को सुपर वाइजर 10 स्टार एवं SDM अधिकारी बताते हुए साथ ही गाड़ी पर मध्य प्रदेश शासन लिखवाकर झांसे में लेते हुए एक बेरोजगार को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। उसे वार्ड क्रमांक–75 पत्थर मुंडला में जोनल अधिकारी के पद पर नियुक्ति का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। उसकी सैलरी भी 45 हजार रुपए तय कर दी। जबकि उसकी पत्नी को महिल महिला बाल विकास परियोजना में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। इस तरह दोनों से 7.5 लाख की धोखाधड़ी की।

नीलम ने पुरुषोत्तम मालवीय नामक युवक को एडीएम अजयदेव शर्मा का गार्ड नियुक्त करने का फर्जी पत्र भी जारी कर दिया। यह पत्र कलेक्टर मनीषसिंह के नाम से जारी किया गया है। नीलम ने पुरुषोत्तम से 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी की।

74 हजार के कपड़े खरीदे, फर्जी चैक दे दिया
महिला ने शिकायत की कि उसकी साड़ी की दुकान से नीलम पाराशर ने 74 हजार रुपए के कपड़े खरीदे। उसने खुद को देपालपुर SDM बताते हुए कहा अभी नगद पैसे नहीं है। यह कहकर उसे फर्जी चेक थमा दिया। लेकिन वह बाउंस हो गया।

व्यापारी से सामान लिया, रुपए मांगे तो बोली-जेल भिजवा दूंगी
डीसीपी निमिष अग्रवाल ने बताया कि खुद को एसडीएम बता रही महिला का नाम नीलम पाराशर(40) है। वह खुद को देपालपुर इलाके की एसडीएम बताती थी। इसके चलते यहां पर वह कई लोगों से रंगदारी मांगती थी। गौतमपुरा के एक व्यापारी की शिकायत के बाद उसे क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। महिला कुछ दिन पहले खरीदारी करने पहुंची थी। सामान लेने के बाद व्यापारी ने बिल चुकाने को कहा तो रुपए देने के बजाय उसे जेल भिजवाने की धमकी दे डाली। जानकारी मिली है कि उसने महिला बाल विकास और पीडब्लयूडी जैसे विभागों में भी नियुक्ति के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठे हैं। उसके पास राज्यपाल मंगू भाई के साइन वाला नियुक्ति पत्र भी मिला है। इसमें खुद के ट्रांसफर की बात कही गई थी।

बोलने-काम करने का लहजा अफसरों जैसा
क्राइम ब्रांच के मुताबिक फर्जी महिला एसडीएम एमपीपीएससी के जरिए राज्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए तैयारी कर रही थी। लेकिन वह सिलेक्ट नहीं हो पाई। उसने कई अधिकारियों को देखने के बाद उनके ही लहजे में ही काम करना शुरू कर दिया। उसके बोलने और चलने फिरने के साथ रहन-सहन पूरा अधिकारियों जैसा दिखता है। अभी यह जांच की जा रही है कि इतने नियुक्ति पत्र और लेटर उसके पास कहां से आए थे।

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