भोपाल। सेक्स रैकेट में सजा काट चुके नेता बीजेपी में शामिल

मध्यप्रदेश BJP हरदा के रामकृष्ण पटेल को पार्टी जॉइन कराने के बाद घिर गई है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जिसे कोर्ट सेक्स रैकेट केस में 3 साल की सजा दे चुकी है, CM ने उसे पार्टी में धूमधाम से शामिल कराया।

रामकृष्ण पटेल को मध्यप्रदेश सरकार में कृषि मंत्री कमल पटेल ने मंगलवार को CM हाउस ले जाकर पार्टी जॉइन कराई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पटेल ने सदस्यता ग्रहण की। वे हरदा से पूर्व कांग्रेस विधायक नन्हे सिंह पटेल के बेटे हैं। हरदा कृषि मंत्री का गृह क्षेत्र भी है।

जॉइनिंग से पहले कृषि मंत्री बोले- अपराधियों के लिए भाजपा में जगह नहीं

BJP ने पार्टी में जॉइनिंग से पहले नेताओं, कार्यकर्ताओं की स्क्रीनिंग के लिए न्यू जॉइनिंग टोली बनाई है। गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और कृषि मंत्री कमल पटेल की मौजूदगी में इस टोली की मंगलवार को पहली बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि पार्टी में शामिल कराने से पहले कम से कम यह देखा जाए कि शामिल होने वाले का कहीं कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है। BJP के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयानबाजी तो नहीं की गई।

बैठक में कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा, ‘आपराधिक पृष्ठभूमि वालों के लिए भाजपा में कोई जगह नहीं है। जो देश – प्रदेश के विकास के लिए काम करना चाहता है, जो समाजसेवा और देश सेवा करना चाहता है, उन सबको हम भारतीय जनता पार्टी में शामिल करेंगे।’ इस बैठक के बाद कृषि मंत्री ने खुद रामकृष्ण पटेल को अपने साथ CM हाउस ले जाकर BJP की सदस्यता दिलाई।


  • रामकृष्ण पटेल (राइट) को BJP जॉइन कराने के के बाद कृषि मंत्री कमल पटेल ने भोपाल में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
  • पटेल बोले, समाज सेवा के दौरान से ही BJP में जाने की लगन थी

    BJP जॉइन करने के बाद रामकृष्ण पटेल ने कहा, समाज सेवा के दौरान से ही लगन थी कि BJP में जाऊंगा। शुरू में मंत्री कमल पटेल कहते रहे, लेकिन मैं मना करता रहा। विधानसभा चुनाव में हर समाज का सहयोग लेंगे। कमल पटेल जैसा मंत्री मैंने देखा ही नहीं। मेरे लिए नन्हे लाल पटेल के जाने के बाद दूसरे नंबर पर कमल पटेल हैं।

    भाजपा की कथनी और करनी में पूरब और पश्चिम का फर्क

    कमलनाथ के मीडिया एडवाइजर पीयूष बबेले ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा की कथनी और करनी में पूरब और पश्चिम का फर्क है। आज सुबह (मंगलवार) BJP ने कहा कि पूरी जांच परख करके लोगों को पार्टी में शामिल करेगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को पार्टी में धूमधाम से शामिल किया, जिन्हें अदालत से देह व्यापार रैकेट के मामले में 3 साल की सजा मिल चुकी है। जब मुख्यमंत्री अपने हाथ से ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल करेंगे तो मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा का ग्राफ रसातल में जाना ही है।’

    ‘BJP की वॉशिंग मशीन में अपराध धुल जाते हैं’

    कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा, ‘BJP के पास ऐसी वॉशिंग मशीन है, जिसमें किसी भी अपराधी को लाओ, उस मशीन में डालो उसके अपराध धुल जाते हैं। क्या महिलाओं के प्रति यही भाजपा का सम्मान है? मुख्यमंत्री जवाब दें। बहुत लाड़ली बहना की बात करते हैं। जो बहनों पर अत्याचार करते हैं, उनको संरक्षण देने का काम करते हैं। सरकार में बैठे लोग बताएं, ये कौन सी और कैसी पॉलिसी है?’

    पटेल को भोपाल कोर्ट ने सुनाई थी सजा

    18 दिसंबर 2017 को भोपाल अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने रामकृष्ण पटेल को 3 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उन्हें स्त्रियों और बालक के संबंध में अनैतिक व्यापार दमन अधिनियम 1956 के अंतर्गत दोषी माना था। तब रामकृष्ण पटेल हरदा जिले की ग्राम पंचायत रन्हाई से सरपंच थे। उन्हें निर्विरोध चुना गया था। सजा होने के बाद 2018 में उन्हें सरपंच पद से निलंबित कर दिया गया था।

    सजा होने के बाद रामकृष्ण पटेल को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। पंचायत के सचिव ने SDM को इसकी रिपोर्ट दी थी। SDM ने अपने आदेश में कहा था कि इससे प्रमाणित हुआ कि रामकृष्ण पटेल को आपराधिक केस में जेल से रिहाई हुई है।

    2004 में भोपाल पुलिस ने किया था गिरफ्तार

    मामला 17 दिसंबर 2004 का है। भोपाल के बागमुगालिया क्षेत्र के मकान नं. 103 में मेघा नाम की महिला के घर पुलिस को सेक्स रैकेट की जानकारी मिली थी। पुलिस ने रामकृष्ण समेत चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

    2016 में 30 जून को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नौशिन खान ने चारों आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई थी। इस आदेश के खिलाफ आरोपियों ने अपील की। 18 दिसंबर 2017 को इस अपील को निरस्त करते हुए न्यायाधीश संजय शर्मा ने फैसला सुनाया था। आरोपी रामकृष्ण पटेल को धारा 5 के तहत 3 साल के लिए सश्रम कारावास दिया गया था।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *