
इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने आए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनाॅमी की तरफ बढ़ रहे हैं। कोरोनाकाल, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक मंदी के कारण हमारी अर्थव्यवस्था ने भी तमाम झटके सहे, लेकिन उस दौर ने हमारी अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं किया। भारतीय व्यवस्था घरेलू डिमांड के कारण बेहतर और सही रास्ते पर है। आने वाले समय में भारत दुनिया का नया ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है।
दास ने कहा कि बैंकों ने बीते सालों में बेहतर रिजल्ट दिए हैं। कोरोना के बाद हमने मार्केट में तरलता के लिए तय समय सीमा में प्रयास किए। उसके बेहतर नतीजे भी रहे। हमारी बैकों की स्थिति मजबूत है। गवर्नर दास ने कहा कि देश में ‘टॉप’ (टमेटो, आनियन और पोटेटो यानी टमाटर, प्याज व आलू) के कारण महंगाई बढ़ती है। बेमौसम बारिश और जलवायु परिवर्तन के कारण इन तीनों की डिमांड व सप्लाई चेन गड़बड़ाती है और फिर दाम बढ़ने लगते हैं। इस बार टमाटर के दाम 200 रुपये तक पहुंचे। सरकार ने लगातार इस पर काम किया और अब टमाटर के दाम कम हो गए। अगस्त में महंगाई दर ज्यादा रही, लेकिन सितंबर में महंगाई दर कम करने पर सरकार का फोकस है। दास ने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।