
हाई प्रोफाइल हनी ट्रेप मामले में पकड़ी गई छतरपुर की आरती दयाल की एक नई कहानी सामने आई है। जिस पंकज दयाल को आरती का पति बताया जा रहा है उसके साथ आरती लिव- इन में रहती है। आरती ने पंकज के साथ रहने से पहले अनिल वर्मा नाम के बैंक कर्मी के साथ शादी की थी। पंकज दयाल का दावा है कि साथ रहने के दौरान ही आरती ने अपने परिचय पत्र में उसका नाम पति के तौर पर दर्ज करा लिया। आरती दयाल समेत कई युवतियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने इंदौर में नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पति के खिलाफ प्रताड़ना का दर्ज कराया था प्रकरण
इंदौर में गिरफ्तारी के दौरान सामने आए दस्तावेजों में आरती के पति का नाम पंकज दयाल बताया गया है। लेकिन, दावा यह किया जा रहा है कि आरती ने फरीदाबाद (हरियाणा) के एलजीएम नगर में रहने वाले अनिल वर्मा के साथ शादी की थी।
संबंध बिगड़ने पर आरती ने छतरपुर न्यायालय और कुटुंब न्यायालय में अनिल वर्मा, उसके पिता और मां के खिलाफ मार्च 2014 में प्रकरण दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। इसके बाद आरती ने अनिल को छोड़ दिया। 2017 में वह छतरपुर के ही देरी रोड पर रहने वाले पंकज दयाल के संपर्क में आई। दोनों बगैर शादी किए ही लिव इन में रहने लगे।
पंकज ने कहा- हमने शादी नहीं की
पंकज दयाल का कहना है कि उन्होंने आरती के साथ कभी शादी नहीं की। पंकज ने बताया कि आरती का चाल-चलन और संगत देख वे उससे अलग हो गए। बाद में आरती ने फरवरी 2019 में पंकज, उसके पिता रामदयाल और मां के खिलाफ छतरपुर सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज करा दिया। पंकज ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। फिलहा, मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
मामले में मां ने जताई अनभिज्ञता
आरती दयाल की मां ने बताया कि उसकी बेटी का पति से विवाद चल रहा है। इसलिए वह भोपाल में रह रही है। उसके साथ कुछ हुआ है, उसे इस बारे में जानकारी नहीं है। छतरपुर में सागर रोड पर आरती 6 माह पहले तक एक फिटनेस सेंटर संचालित करती थी। इसके बाद वह भोपाल में जाकर शिफ्ट हो गई।
यह है मामला
18 सितंबर (बुधवार) को क्राइम ब्रांच ने भोपाल से तीन और इंदौर से दो महिलाओं समेत ड्राइवर गिरफ्तार किया था। आरोपी महिलाओं ने इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को हनी ट्रैप में फंसाकर वीडियो के जरिए तीन करोड़ रुपए की मांग की थी। पलासिया थाने में सभी आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी भटनागर और ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह महिलाएं नेताओं और अफसरों के पास काॅल गर्ल भेजकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाती थीं। उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थीं। कुछ दिन पहले भी गिरोह की मुखिया ने एक सीनियर अफसर के साथ का आपत्तिजनक वीडियो वायरल किया था। यह बात भी सामने आई है कि हाईप्रोफाइल रैकेट की मुखिया के पास कई राजनेताओं और अफसरों की सीडी भी है।