
अक्षय कुमार इन दिनों अपनी नवीनतम रिलीज फिल्म ‘मिशन रानीगंज’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। फिल्म, बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखाने में बेअसर नजर आ रही है। इसी कड़ी में अभिनेता एक बार फिर ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। खिलाड़ी कुमार को बीते वर्ष पान मसाला का विज्ञापन करने पर जमकर ट्रोल किया गया था। वहीं, अब वापस से अक्षय कुमार का पान मसाला विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल हो है और अभिनेता की जमकर आलोचना भी की जा रही है। अब हाल ही में, अभिनेता ने उन सभी दावों को झुठलाया है, जो उन्हें ‘मोदी भक्त’ बताते थे। तो चलिए जानते हैं कि मामला क्या है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने 2019 के आम चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार लेने के बारे में बात की और अब हालिया इंटरव्यू में जब अभिनेता से यह सवाल किया गया तो अक्षय ने अपना बचाव करते हुए कहा कि किसी को भी यह मौका मिलता तो वह इसे बिल्कुल भी नहीं गंवाता।
अब हाल ही में, एक नए साक्षात्कार में अक्षय कुमार ने पक्षपात सिनेमा बनाने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा, “अगर किसी को भी इस अवसर की पेशकश की गई होती, तो उन्होंने इसका फायदा उठाया होता।” उन्होंने सोशल मीडिया की उन खबरों को भी खारिज कर दिया, जो उन्हें राजनीतिक गलियारे में एक तरफ और शाहरुख खान जैसे अभिनेताओं को दूसरी तरफ रखती थीं।
अक्षय ने इंटरव्यू में आगे कहा कि लोगों को उस साक्षात्कार से समस्या थी, जिसके दौरान उन्होंने पीएम से पूछा कि क्या उन्हें आम पसंद है। अभिनेता ने कहा, ‘मैं उसका अन्य पक्ष भी जानना चाहता था। मुझे उनसे बहुत कुछ पूछने का मन हुआ था। मैं जानना चाहता था कि वह घड़ी उल्टी क्यों पहनते हैं। मैं उनसे पूछना चाहता था कि उनके पास बैंक में कितने पैसे हैं। मैं उनसे नीतियों के बारे में पूछना चाहता था।’
आगे अभिनेता से पूछा गया कि लोग उन्हें ‘मोदी भक्त’ कहते है तो इसपर वह लोगों को क्या जवाब देना चाहते हैं। इसपर अभिनेता ने कहा, ‘उन्होंने कांग्रेस के दौर में भी फिल्में भी बनाई हैं, लेकिन कोई इस पक्ष को नहीं देखता है। एक इंटरव्यू को लेकर यह विचारधारा बना लेना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।’