इंदौर। कालिंदी गोल्ड, सैटेलाइट व फीनिक्स टाउनशिप के कई प्लॉटो का सेटलमेंट अब भी अटका

कालिंदी गोल्ड, सैटेलाइट और फीनिक्स टाउनशिप के कई प्लॉटों का सेटलमेंट अब भी अटका हुआ है। आरोपी भूमाफिया चंपू अजमेरा, चिराग शाह, हैप्पी धवन सहित अन्य की जमानत निरस्त करने, सेटलमेंट को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई शुरू होते ही शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि हमने सभी आरोपियों के खिलाफ 439 (2) यानी जमानत निरस्त करने की अर्जी दायर की है, पहले उस पर सुनवाई की जाए। वहीं कुछ पीड़ित भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। आरोप लगाए कि फर्जी लोगों को खड़ा कर सेटलमेंट होना बताया जा रहा है। कोर्ट ने पीड़ितों को भी सुना । बहरहाल, नवंबर के अंत में अब इस मामले की सुनवाई होगी।

आरोपी बोले- सेटलमेंट कर दिया

भूमाफिया की ओर से कोर्ट में कहा गया कि जो भी पीड़ित बचे हैं वह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। महावीर जैन बोल रहे हैं कि राशि चिराग और हैप्पी लौटाएंगे। इसी तरह एक कॉलोनी में चंपू बोल रहा है कि यह कैलाश गर्ग और आरसी मित्तल देंगे। कई जगह चंपू, चिराग पर और चिराग, चंपू पर यह राशि लौटाने की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। उधर आरसी मित्तल के अधिवक्ता ने कहा कि हमारा कोई लेना-देना नहीं, लेकिन कमेटी ने चंपू के बयान के आधार पर हमारे लिए टिप्पणी की है। 31 प्लॉट की जिम्मेदारी हमारे ऊपर डाली जा रही है।

शासन की ओर से दलील दी कि भूमाफियाओं ने सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के हिसाब से अधिकांश पीड़ितों का सेटलमेंट नहीं किया है। जबकि उन्हें जमानत इसी शर्त पर मिली थी कि बाहर निकलकर एक-एक व्यक्ति का सेटलमेंट करेंगे। जमानत निरस्त की जाना चाहिए। इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि अन्य आवेदन भी लगे हैं उन सभी पर एक साथ ही सुनवाई कर फैसला लेंगे। शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में 125 याचिकाएं लगी हैं, इसलिए थाने में दर्ज एफआईआर के हिसाब से सुनवाई की जाए।

टाउनशिप में कई प्लॉट फंसे, पीड़ित कर रहे वर्षों से इंतजार

शासन की दलील- सेटलमेंट की शर्त पर आरोपियों को जमानत मिली, निरस्त कराएं आरोपी गलत जानकारी दे रहे : पीड़ित

एक पीड़िता बबीता की ओर से कहा गया कि हमसे कोई सेटलमेंट किया नहीं गया और कागजों में बताया जा रहा है। आरोपियों ने फर्जी महिला को अपर कलेक्टर कोर्ट में खड़ा कर साइन करा लिए कि सेटलमेंट हो गया है। यही कमेटी की रिपोर्ट में भी आ गया है। वहीं एक अन्य पीड़ित अशोक रावल ने कहा कि मेरे मामले का तो हाई कोर्ट कमेटी की रिपोर्ट में कोई उल्लेख ही नहीं है। चंपू और चिराग एक-दूसरे पर मामला डाल रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा इंटरविनर की याचिका लगाएं, सुनवाई होगी। एक पीड़ित ने कहा कि हाई कोर्ट कमेटी ने हमारी शिकायत की प्रोसीडिंग प्रॉपरली एड्रेस नहीं की है।

सुनवाई शासन और पीड़ितों ने हाई कोर्ट से फिर लगाई गुहार

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