ब्राह्मणों पर पुस्तक लिखने वाले आईएएस नियाज खान सनातन धर्म सभा में लेंगे भाग, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ साझा करेंगे मंच

 

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जल्द ही आईएएस और ब्राह्मणों पर पुस्तक लिखने वाले नियाज खान के साथ मंच साझा करेंगे। ‘ब्राह्मण द ग्रेट’ पुस्तक लिखकर चर्चा में बने रहने वाले आईएएस खान यहां ब्राह्मणों को लेकर अपने विचार रखेंगे। वे ब्राह्मण द ग्रेट पार्ट टू भी लिख रहे हैं और अपनी पुस्तक के माध्यम से ब्राह्मण के साथ हो रहे अन्याय को उजागर करने का काम कर रहे हैं। जल्द ही उनकी ब्राह्मण पार्ट-2 ‘वॉर अगेंस्ट कलयुग’ लॉन्च होने वाली है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा एकीकृत परिषद द्वारा बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी व लोक निर्माण विभाग के उप सचिव नियाज खान को भी मुख्य वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया है। 25 दिसम्बर को कटनी में होने वाली सनातन धर्म सभा में आईएएस नियाज खान का उद्बोधन बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण के पहले होगा। इस सनातन धर्म सभा में दो लाख लोगों के पहुंचने के हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं। आईएएस नियाज खान इस सनातन धर्म सभा में अपनी पुस्तक ब्राह्मण द ग्रेट की तात्विक व्याख्या करेंगे। बताया जाता है कि धर्म सभा में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहने वाले आईएएस नियाज खान बॉलीवुड में बनाई जाने वाली फिल्मों पर बात रखेंगे।

आईएएस नियाज खान ने हाल ही में फिलिस्तीन और इजराइल के बीच संघर्ष को लेकर ‘BROWN DESERT IV-786’ उपन्यास लिखा है। 12 साल की रिसर्च के बाद खान ने इस उपन्यास में दोनों के बीच संघर्ष और युद्ध के कारणों का खुलासा किया है।

यह है आयोजक समिति

अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद की इस आयोजन समिति में राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, प्रांतीय कोषाध्यक्ष पंडित अशोक भैरों पांडेय, जिला अध्यक्ष कटनी पंडित राकेश मिश्रा, जिला संयोजक कटनी पंडित दिनेश दुबे की ओर से आईएएस खान को यहां बुलाया है। खान को आयोजकों ने युग रसखान व साहित्यकार का नाम दिया है।

क्या लिखा है ब्राह्मण द ग्रेट में

आईएएस अफसर नियाज खान का कहना है कि बॉलीवुड ब्राह्मणों के लिए नर्क की दुनिया है, जो ब्राह्मण समाज व धर्म-संस्कृति को बर्बाद कर रहा है। ब्राह्मण कलाकारों को तत्काल फिल्मी दुनिया छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ‘ब्राह्मण द ग्रेट में लिखा है कि जब-जब सड़क पर चोटी-जनेऊधारी नंगे पांव ब्राह्मण निकलता है तो वह साक्षात भगवान का रूप होता है। अपने बयानों और किताबों को लेकर विवादों में रहने वाले नियाज की यह सातवीं किताब है। इस किताब को लेकर राजनीतिक व प्रशासनिक गलियारे में खूब चर्चा हो रही है। वह भी इसलिए, क्योंकि यह किताब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के बाद प्रकाशित होने जा रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जाति भगवान ने नहीं बनाई है, जाति पंडितों ने बनाई जो गलत है। भगवान के लिए हम सभी एक हैं।

पंडित नहीं ब्राह्मण लिखा जाए

खान किताब में लिखतें हैं कि जिन्होंने ब्राह्मण योनी में जन्म लिया है, उसे अपने नाम के आगे अनिवार्य रूप से ‘ब्राह्मण’ लिखना चाहिए, पंडित नहीं। वे कहते हैं कि ब्राह्मणों का इतिहास गौरवान्वित करने वाला है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किताब कई लोगों के गले नहीं उतरेगी।

उनका आईक्यू (IQ) जबरदस्त

नियाज खान का कहना है कि ब्राह्मणों ने इस देश के लिए बहुत कुछ किया है। उनका आईक्यू (IQ) जबरदस्त है। मैंने कई वेद और पुराण का अध्ययन किया है। इसके बाद मैंने यह किताब लिखी है। वे कहते हैं कि अगर मेरे सामने एक तरफ चोटी-घोती पहने जनेऊधारी गरीब ब्राह्मण खड़ा है और दूसरी तरफ अडाणी, अंबानी, टाटा या बिड़ला हैं, तो मैं सबसे पहले ब्राह्मण को गले लगाऊंगा, क्योंकि ब्राह्मण धन से बहुत ऊपर है। वह सच्चे मन से धर्म का प्रतिनिधित्व कर रहा है। नियाज कहते हैं कि उन्होंने खान सरनेम की वजह से बहुत कठिनाइयां झेली हैं। इसमें कई दिक्कतें हैं।

ब्राह्मण द ग्रेट बुक के अंश

• देश में जिसके पास धन है, उसको सबसे कम सम्मान दिया जाए। गरीब ब्राह्मण को सबसे ज्यादा सम्मानित किया जाए।

• जब सड़क पर चोटी जनेऊ धारी नंगे पांव ब्राह्मण निकलता है तो वह साक्षात भगवान का रूप होता है।

• यदि किसी को जिंदगी में सफल होना है तो ब्राह्मण को गुरु बनाएं।

2015 में गुना से चर्चा में आए नियाज खान 2015 में गुना में अपर जिला कलेक्टर (ADM) थे। इस दौरान गुना के खाद्य एवं औषधि विभाग ने कोल्डड्रिंक ब्रांड थम्सअप के नमूने को जांच के लिए भोपाल की सरकारी लैबोरेटरी में भेजा था। जांच में सामने आया कि थम्सअप ने बोतल पर फ्लेवर की जानकारी प्रिंट नहीं की है, जो पेय पदार्थ मानकों का उल्लंघन है। खाद्य विभाग की तरफ से यह मामला एडीएम कोर्ट में भेजा गया। इस मामले में कंपनी के नॉमिनी राजकुमार तिनकर क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर मप्र व अनित कुमार पाल क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर गुजरात व रुठियाई अग्रवाल ट्रेडर्स के अनिल अग्रवाल को आरोपी बनाया था।

ODF घोटाला खोला, तो 1 महीने में हटा दिया

गुना में अपर कलेक्टर रहते हुए नियाज खान को जिला पंचायत सीईओ का प्रभार मिला था। इस दौरान खान ने देश का सबसे बड़ा ODF (खुले में शौच मुक्त) घोटाला खोला था। जांच में पाया गया कि गांवों में स्वच्छता, मुक्तिधाम, पीएम आवास में करोड़ों का घोटाला हुआ है। इस दौरान PM आवास और शौचालय घोटाले में 1,354 कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन रोक दिया था। इनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई।

72 घंटे में गुना के 250 गांवों में मुक्तिधाम बनवा दिए थे। यही नहीं, उन्होंने स्कूल निर्माण घोटाला भी सामने लाया था। इसमें 125 सरपंचों से 1.75 करोड़ की वसूली की गई थी, लेकिन इसका परिणाम यह हुआ कि सरकार ने नियाज खान से जिला पंचायत सीईओ का प्रभार वापस ले लिया।

इस्लाम की छवि सुधारने के लिए कर रहे हैं काम

आईएएस नियाज खान दुनिया में इस्लाम की छवि सुधारने के लिए कुरान पर शोध कर रहें हैं। वे मोहम्मद साहब के जीवन पर लिखी किताबों का अध्ययन कर अपनी रिसर्च बुक यूरोप से प्रकाशित करवाना चाहते हैं। नियाज खान का दावा हैं कि वो सभी धर्मों में आस्था रखते हैं और वे शाकाहारी हैं।

विवादों से है पुराना नाता

नियाज खान अपनी किताबों और ट्वीट को लेकर विवादों में रहे हैं। उन्होंने हिजाब विवाद में भी ट्वीट करते हुए लिखा था कि हिजाब हमारे जीवन की सुरक्षा करता है, साथ ही ये हमें प्रदूषण से भी सुरक्षित रखता है। इसलिए हिजाब को प्रोत्साहित करें। हिजाब या नकाब पर इतनी कंट्रोवर्सी क्यों?

खान सरनेम भूत की तरह पीछा कर रहा है

साल 2019 में नियाज खान ने अपने ट्वीट में लिखा था कि उनके नाम के साथ खान लगे होने के कारण उन्हें अपनी सर्विस के दौरान बहुत कुछ भुगतना पड़ा है। खान सरनेम भूत की तरह उनका पीछा कर रहा है।

द कश्मीर फाइल्स पर मिला था नोटिस

द कश्मीर फाइल्स को लेकर ट्वीट में नियाज खान ने लिखा कि अलग-अलग मौकों पर मुसलमानों के नरसंहार को दिखाने के लिए एक किताब लिखने की सोच रहा हूं, ताकि निर्माता कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म बना सकें। अल्पसंख्यकों के दर्द और पीड़ा को देशवासियों के सामने लाया जा सके। इस ट्वीट के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें नोटिस दिया था।

ब्राह्मणों को कश्मीर में सुरक्षित बसने की अनुमति हो

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा की कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरा सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।

आश्रम वेबसीरीज पर चल रहा केस

उनके एक उपन्यास पर आश्रम वेबसीरीज बनी है, जिसका क्रेडिट न मिलने पर नियाज खान ने आश्रम के निर्माता निर्देशक और कलाकार के खिलाफ न्यायालय में मामला दर्ज किया है।

मुसलमानों की दी थी सलाह

दमोह स्कूल कांड के बीच नियाज ने ट्वीट कर मुसलमानों को सलाह दी। लिखा- मुस्लिम भाई भी गोरक्षक बनें। धर्म परिवर्तन का विरोध करें। किसी का धर्म न बदलवाएं। जबरन धर्म बदलवाना इस्लाम में प्रतिबंधित है। अगर शाकाहार अपना सकें तो यह एक बेहतरीन प्रयास होगा।

धर्मांतरण के लिए बॉलीवुड जिम्मेदार

नियाज खान धर्मांतरण के लिए दिए गए बयान को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं। खान कह चुके हैं कि धर्मांतरण के लिए 100 प्रतिशत बॉलीवुड जिम्मेदार है।

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