
आईपीएल मिनी ऑक्शन 2024 में मंगलवार को पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी ने एक खिलाड़ी को गलती से खरीद लिया और जब टीम को यह एहसास हुआ कि उन्होंने गलत प्लेयर को खरीदा है तब तक काफी देर हो चुकी थी। यह गलती तब हुई जब ऑक्शन टेबल पर फ्रेंचाइजी मालकिन प्रीति जिंटा भी मौजूद थी। उनके साथ नेस वाडिया और अन्य लोग भी साथ थे, लेकिन कोई भी उस भूल को सुधार नहीं पाया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पंजाब किंग्स ने छत्तीसगढ़ के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले शंशाक सिंह को गलती से खरीद लिया। फ्रेंचाइजी को लगा कि वह कोई और खिलाड़ी है। शंशाक का नाम जब ऑक्शन रूम में घोषित हुआ और टीवी स्क्रीन पर उनका डिस्पले हुआ तो पंजाब किंग्स को लगा कि ये कोई और खिलाड़ी है। पंजाब ने शंशाक को गलती से 20 लाख रुपए में अपनी टीम में शामिल कर लिया। शंशाक की बोली खत्म होने के बाद पंजाब को एहसास हुआ कि उन्होंने इस खिलाड़ी को गलती से खरीद लिया है।
Fantastic scenes here as the notoriously inept Punjab Kings manage to not only purchase a player they didn’t want, (Shashank Singh), they also admit to this in front of literally everyone. Singh we can guess is sat at home wondering whether to show up in March. #IPLAuction #pbks pic.twitter.com/PtLQv9t07H
— Punjab Kings UK🇬🇧👑 (@PunjabKingsUK) December 19, 2023
बाद में फ्रेंचाइजी ने की प्लेयर को वापसी की मांग
बाद में प्रीति जिंटा और नेस वाडिया समेत अन्य लोगों ने ऑक्शन करा रहीं मल्लिका सागर को इस बारे में बताया और खिलाड़ी को वापस करने की मांग की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मल्लिका सागर की ओर से साफ कर दिया गया कि खिलाड़ी के एकबार बिकने के बाद उसका नाम वापिस नहीं होगा। इस पूरे ड्रामे का लाइव टेलिकास्ट टीवी पर हुआ। अगर शंशाक ने ये ड्रामा देखा होगा तो उन्हें बहुत ही बुरा लगा होगा। शंशाक के बाद अगला नाम तनय त्यागराजन का था।
20 लाख में पंजाब में शामिल हुए शंशाक
त्यागराजन का नाम जैसे ही आया तो पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी को इस बात का एहसास हुआ कि उन्होंने गलत खिलाड़ी को चुन लिया है। शंशाक सिंह गलती से ही सही लेकिन 20 लाख रुपए में वह पंजाब किंग्स के साथ जुड़ गए। जब शंशाक का नाम स्क्रीन पर आया तो पंजाब ने ही इकलौत बोली लगाई थी। मल्लिका सागर ने हैमर डाउन करके जैसे ही शशांक के पंजाब किंग्स की ओर से खरीदे जाने का ऐलान कर दिया। गलती का एहसास होने के बाद पंजाब ने इस बोली को वापस लेने की मांग की, लेकिन ऑक्शनर ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।