
धार , इस वर्ष राम नवमी 17 अप्रैल 2024, बुधवार को मनाई जाएगी । इस दिन चैत्र नवरात्रि की महानवमी होगी, जिसमें मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है ।
इस संदर्भ में मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिष गुरु ने डॉ. अशोक शास्त्री ने बताया की महर्षि वाल्मिकी रामायण के अनुसार भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान श्री राम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को कर्क राशि में अभिजीत मुहूर्त और पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ था । भगवान राम का जन्मदिन रामनवमी के रूप में देश-विदेश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । यह दिन चैत्र नवरात्रि के अंत का प्रतीक है, जो देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित नौ दिवसीय त्योहार है, जिसके बाद आदर्श पुरुष भगवान राम के जन्म का भव्य उत्सव मनाया जाता है ।
डॉ. अशोक शास्त्री के अनुसार भगवान राम के जन्म के समय सूर्य, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि का विशेष संयोग बना था । इस वर्ष हिंदू कैलेंडर के अनुसार राम नवमी का त्योहार 17 अप्रैल 2024, दिन बुधवार को मनाया जाएगा । पुनर्वसु नक्षत्र: 16 अप्रैल 2024, रात 9:28 बजे से 17 अप्रैल 2024, रात 11:20 बजे तक
विजय मुहूर्त: 17 अप्रैल 2024, सुबह 10:45 बजे से 11:30 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: 17 अप्रैल 2024, दोपहर 12:08 बजे से 12:53 बजे तक
उत्सव का तरीका:
स्नान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें ।
पूजा: घर में राम दरबार सजाएं और भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भरत की पूजा करें ।
भजन: भगवान राम के भजन गाएं और आरती करें ।
उपवास: कुछ भक्त राम नवमी के दिन उपवास भी करते हैं ।
दान: दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं ।
राम नाम जप का महत्व:
डॉ. अशोक शास्त्री के अनुसार राम का नाम अमोघ है । राम नाम जप एक प्राचीन और सरल मंत्र है, जिसके अनेक लाभ हैं । यह मंत्र भगवान राम को समर्पित है, जो हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण देवता हैं । राम नाम का जप करने से मन शांत होता है और चिंता, तनाव, और क्रोध कम होता है । पापों का नाश और आत्मा शुद्ध होती है और मोक्ष प्राप्ति की संभावना बढ़ती है । राम नाम जप से आत्मविश्वास और एकाग्रता भी बढ़ती है । इस दिन लोग भगवान राम का विशेष पूजन करते हैं और अपनी आत्मिक शुद्धि और परमात्मा के प्रति अपने आदर्शों के प्रति समर्पित होते हैं ।
राम नवमी पर शाम को किए जाने वाले कुछ टोटके:
1. धन लाभ के लिए: एक लाल कपड़े में 11 गोमती चक्र, 11 कौड़ी, 11 लौंग और 11 बताशे बांधकर मां लक्ष्मी और भगवान राम को अर्पित करें. एक कटोरी में जल लेकर रामरक्षा मंत्र ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं रामचन्द्राय श्रीं नम:’ का 108 बार जाप करें. इस जल से घर के सभी कोने में छिड़काव कर दें ।
2. सुख-शांति के लिए: एक दीपक में घी या तेल डालकर राम दरबार के सामने जलाएं. ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ का 108 बार जाप करें ।
3. संतान प्राप्ति के लिए: एक नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर मां सीता को अर्पित करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें ।
4. रोगों से मुक्ति के लिए: हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. ‘ॐ हनुमते नमः’ का 108 बार जाप करें ।
5. विवाह में बाधा दूर करने के लिए: भगवान राम और मां सीता को हल्दी, कुमकुम और चंदन अर्पित करें. ‘ॐ जय सीता राम’ का 108 बार जाप करें ।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि टोटके केवल तभी प्रभावी होते हैं जब आप सच्चे मन से भगवान राम की भक्ति करते हैं ।
ये कुछ अन्य टोटके हैं जिन्हें आप अपना सकतें हैं:
राम नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहने ।
घर में राम दरबार की स्थापना करें और भगवान राम, मां सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की पूजा करें ।
भगवान राम को फल, मिठाई और फूल अर्पित करें ।
‘रामचरितमानस’ या ‘सुंदरकांड’ का पाठ करें.
गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें ।
यह भी ध्यान रखें कि राम नवमी के दिन कुछ विशेष कार्य नहीं किए जाने चाहिए, जैसे मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें, क्रोध, झूठ और बुराई से दूर रहें और किसी भी जीव को नुकसान न पहुंचाएं । राम नवमी का पर्व भक्ति, प्रेम और त्याग का पर्व है । इस पर्व को सच्चे मन से मनाने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है ।

( डॉ. अशोक शास्त्री )