
नगर निगम का फर्जी बिल घोटाला अब 107 करोड़ तक पहुंच गया है। पांचाें कंपनियों ने वर्ष 2015 से वर्ष 2022 तक 107 करोड़ रुपए के 188 बिल वित्त विभाग में प्रस्तुत किए। वर्ष 2022 के पहले इन फर्मों द्वारा प्रस्तुत सभी 168 बिलों के एवज में 79 करोड़ का भुगतान हो चुका है। सिर्फ 20 बिल से जुड़ा 28 करोड़ रुपए का भुगतान रुका है। इन पांचों फर्म नींव कंस्ट्रक्शन (मो. साजिद), ग्रीन कंस्ट्रक्शन (मो. सिद्दीकी), किंग कंस्ट्रक्शन (मो. जाकिर), क्षितिज इंटरप्राइजेस (रेणु वडेरा) और जाह्नवी इंटरप्राइजेस (राहुल वडेरा) के खिलाफ नगर निगम एफआईआर दर्ज करवा चुका है।
पुलिस के साथ ही निगम की आंतरिक समिति भी जांच कर रही है। बीते 10 सालों में इन फर्मों को कितना भुगतान हुआ है। उन सभी कामों का भौतिक सत्यापन भी करवाया जा रहा है। 188 में से 10 फाइलें जनकार्य, उद्यान सहित अन्य विभागों की बताई जा रही हैं। हैरानी यह है कि इन फर्मों को सारा भुगतान हो चुका है जबकि कई ऐसे भी ठेकेदार हैं जो पिछले भुगतान के लिए निगम के चक्कर लगा रहे हैं। वर्ष 2022 के पहले इन पांचों फर्मों ने अपना सारा भुगतान निगम से ले लिया।