
नगर निगम में 107 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले में पुलिस ने मंगलवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पंकज पांडेय ने बताया कि राजकुमार साल्वी निवासी अंबिका नगर, एरोड्रम क्षेत्र को भी गिरफ्तार किया है। ये अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम करता था, बाद में घोटाले के आरोपियों ने साठगांठ कर इसे नियमित कर्मचारी के रूप में नगर निगम में नौकरी दे दी थी।
वर्ष 2021 में घोटाले के दौरान आरोपी लिपिक शाखा में पदस्थ था। इसके द्वारा घोटाले की राशि के चेक आरोपियों को दिए गए। वहीं फरार ठेकेदार मोहम्मद सिद्दिकी और कार्यपालन यंत्री अभय राठौर की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
दो बर्खास्त और एक निलंबित
मुख्यमंत्री मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश आए और फिर निगम ने मंगलवार को अनियमितता को अंजाम देने वाले उपयंत्री उदय भदोरिया और डाटा एंट्री ऑपरेटर चेतन भदोरिया को बर्खास्त कर दिया है। वहीं कार्यपालन यंत्री अभय राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
3 अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भेजा प्रस्ताव
नगर निगम की जांच समिति अपनी रिपोर्ट संभवत: बुधवार को सौंप देगी। इसी बीच ऑडिट विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निगम प्रशासन ने भोपाल प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें उपसंचालक समर सिंह परमार, सीनियर ऑडिटर जगदीश ओहरिया और असिस्टेंट ऑडिटर रामेश्वर परमार शामिल हैं। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि ऑडिट विभाग के तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए शासन को फाइल भेज दी गई है। उन पर वहीं से कार्रवाई होगी।