
लॉस एंजिलिस (Los Angeles)। अमेरिका (US) के विभिन्न कॉलेज परिसरों में फिलीस्तीन समर्थकों (palestinian supporters) का प्रदर्शन जारी है। इस बीच प्रदर्शन में शामिल 2100 से अधिक लोगों को पुलिस (US Police) ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कॉलेज परिसरों में लगे तंबुओं और प्रदर्शनकारियों द्वारा कब्जा की गई इमारतों को भी खाली करा दिया है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय (columbia university) की प्रशासनिक इमारत के भीतर एकत्र प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए एक पुलिस अधिकारी ने गोली भी चलाई, जिसकी पुष्टि डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय ने की है। ‘डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी’ एल्विन ब्राग के कार्यालय के एक प्रवक्ता डॉग कोहेन के मुताबिक, कोलंबिया परिसर में हैमिल्टन हॉल के भीतर मंगलवार देर रात अधिकारी द्वारा चलाई गई गोली में कोई घायल नहीं हुआ। कोहेन ने बताया कि गोली किसी को निशाना बनाकर नहीं चलाई गई थी और उस वक्त वहां दूसरे अधिकारी मौजूद थे लेकिन आसपास कोई छात्र मौजूद नहीं था। ब्राग का कार्यालय घटना की समीक्षा कर रहा है।
जो बाइडेन ने दी प्रतिक्रिया
छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपतति जो बाइडेन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बाइडेन ने विरोध जताने के अधिकार का बचाव किया, लेकिन साथ ही कहा कि ‘व्यवस्था बनी रहनी चाहिए’। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र के लिए असहमति जरूरी है। लेकिन असहमति जताते समय कभी भी अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।’’ राष्ट्रपति बाइडेन ने व्हाइट हाउस में कहा कि शांतिपूर्ण असहमति लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संपत्ति को नष्ट करना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नहीं है, यह कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बर्बरता, अतिक्रमण, खिड़कियां तोड़ना, परिसरों को बंद करना, कक्षाओं को रद्द करने के लिए मजबूर करना इनमें से कोई भी शांतिपूर्ण विरोध नहीं है।
पुलिस ने की कार्रवाई
गौरतलब है कि, फिलिस्तीन समर्थक छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने कोलंबिया विश्वविद्यालय को हिलाकर रख दिया। इसके बाद यह विरोध अन्य विश्वविद्यालयों में भी फैल गया। विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई भी की है। इजराइल विरोधी प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि बाहरी लोग भी शामिल हैं। कोलंबिया में विश्वविद्यालय से लेकर, होटलों और अन्य जगहों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस दौरान न्यूयॉर्क के एक डॉक्टर समेत कई प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह सभी छात्र नहीं हैं। ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ द्वारा बृहस्पतिवार को जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक 18 अप्रैल से अमेरिका के 40 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गिरफ्तारी की कम से कम 50 घटनाएं हुई हैं।