हाथरस केस:पूर्व बीजेपी विधायक का चौकाने वाला दावा

हाथरस केस में जहां पुलिस-प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वहां बीजेपी के ही एक पूर्व विधायक ने गुत्थी को ‘सुलझाने’ का दावा किया है। बीजेपी के पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान (rajveer singh pahalwan) ने दावा किया कि लड़की को उसके भाई और मां ने ही मारा है। उनका कहना है कि चारों आरोपी निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है।

चारों युवक निर्दोष, फंसाया गया है
दरअसल भाजपा के पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान ने सीधा आरोप लगाया है कि युवती की हत्या उसके ही परिवारवालों ने की. उन्होंने दावा किया कि लड़की को उसके भाई और मां ने मारा है. राजवीर सिंह के अनुसार इस पूरे मामले में जातिवाद को लेकर सियासत खेली गई है. राजवीर सिंह पहलवान ने दावा किया कि चारों युवक निर्दोष हैं. उन्हें फंसाया गया है. ठाकुर बिरादरी के राजवीर सिंह पहलवान ने मामले में अपनी ही पार्टी के नेताओं के लिए कहा कि उन्हें जनता सबक सिखाएगी.

राजवीर पहलवान ने कहा कि मामला मारपीट का है. यदि मामले में चारों लड़कों पर एफआईआर होती तो उन्हें कोई शिकायत नहीं थी. लेकिन इस गैंगरेप के आरोप और गिरफ्तारी के बाद देहात के लोगों में गुस्सा है. उनकी क्षेत्र में तमाम लोगों से बात हुई है. ऐसे लोग आंदोलन कर रहे हैं, जिनका जनाधार नहीं है. सरकार को बेवजह बदनाम किया जा रहा है. पूर्व विधायक ने कहा कि इस झूठे मामले को इस तरह से रचा गया कि पूरे देश में हाथरस बदनाम हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमें एसआईटी जांच पर पूरा विश्वास है. सच सामने आएगा. उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के खिलाफ इतना गुस्सा है कि वे अगले चुनाव में क्षेत्र में घुस नहीं पाएंगे. जरूरत पड़ी तो इस मामले में संघर्ष किया जाएगा.

आरोपी के पिता ने सांसद और उनकी बेटी पर लगाए आरोप
दरअसल मामले में गिरफ्तार आरोपी रामू के पिता राकेश ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को इस मामले में सांसद राजवीर दिलेर और उनकी बेटी ने फंसवाया है. इसकी वजह यह है कि दूसरा पक्ष यानी युवती का परिवार वाल्मीकि जाति का है और सांसद भी इसी बिरादरी के हैं जबकि वे लोग (आरोपी) ठाकुर हैं.

उन्होंने कहा है कि यदि मेरा बेटा दोषी है तो उसे सरेआम गोली मार दी जाए. इस मामले में निर्दोष लोग फंसाए गए हैं. उन्होंने कहा है कि वे ठाकुर जाति के हैं. रवि उनके बड़े भाई का बेटा और संदीप सबसे बड़े भाई का नाती है. सभी निर्दोष हैं. ये उनके पड़ोसी हैं. उन्होंने कहा है कि यह घटना 14 सितंबर को हुई है. पहले केवल संदीप का नाम था. लेकिन बाद में राजवीर दिलेर की बेटी की दखल के बाद नाम बढ़वा दिए गए.

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