
सेल्फी लेने के चक्कर में एक इंजीनियरिंग छात्र नर्मदा में डूब गया। वह दाेस्ताें के साथ ओंकारेश्वर घूमने गया था। घटना रविवार रात 11 बजे चक्रतीर्थ घाट की है। छात्र चट्टान पर खड़े होकर सेल्फी ले रहा था, तभी पैर फिसला और वह नर्मदा नदी में गिर गया। जहां गिरा, वहां गहरा पानी है। सोमवार को दिनभर गोताखोर तलाशते रहे, लेकिन वह नहीं मिला।
खंडवा की मांधाता पुलिस के अनुसार इंदौर के एसजीएसआईटीएस कॉलेज के द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले 19 वर्षीय पार्थ पिता हरि मोहन अग्रवाल की सोमवार दिनभर से तलाश जारी है, लेकिन वह नहीं मिला। 11 घंटे तक गोताखोरों ने 1 किलोमीटर के दायरे में उसे तलाशा, लेकिन पता नहीं चला है।
सोमवार को पार्थ के चाचा राजीव अग्रवाल खंडवा पहुंचे। होमगार्ड के प्लाटून कमांडर रवींद्र महिवाल व गोताखोर कैलाश बोरकरे ने बताया पार्थ और उसके साथ आई एक युवती चट्टान पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इस बीच उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गया। वहीं, चाचा राजीव का कहना है कि वह सेल्फी नहीं ले रहा था। उसके साथियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि मोबाइल एक तरफ रखे थे। हम सभी चट्टान पर बैठे हुए थे।
नहीं है ऑक्सीजन वाले गोताखोर
गोताखोर नागेंद्र शर्मा, कैलाश बोरकरे व तोताराम केवट ने बताया जहां पार्थ डूबा वहां नदी काफी गहरी है। इतनी नीचे कोई नहीं जा सकता। इधर, पार्थ के न मिलने से परेशान चाचा राजीव ने प्रशासन से मांग की कि ऑक्सीजन पहने गोताखोर यहां उपलब्ध करवाएं, जिससे डूबे लोगों को समय रहते ढूंढा जा सके। ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस गोताखोर होते तो खोजबीन जल्द हो जाती।
मेधावी छात्र है पार्थ, पिता किराना व्यवसायी
पार्थ मेधावी छात्र है। उसका परिवार ग्वालियर के कंपू स्थित ठाकुर मोहल्ला में रहता है। परिवार में माता-पिता, बड़ा भाई व छोटी बहन हैं। पिता किराना व्यवसायी हैं। बड़ा भाई इंजीनियर है। वह हाल ही में दिल्ली में जॉब के लिए गया है। परिजन को घटना की सूचना दे दी है।