महाकाल मंदिर में नहीं थम रही ठगी की वारदात, एक बार फिर भस्म आरती के नाम पर महिला श्रद्धालु से 6000 रुपए की ठगी

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर भगवान की भस्मआरती और शयन आरती सहित दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी में पूरा रैकेट काम कर रहा है। इसमें अब तक मंदिर के ही कुछ कर्मचारी, पुजारी प्रतिनिधि, सुरक्षाकर्मी, पुलिस आरक्षक, फूल-प्रसादी बेचने वाले और ऑटो रिक्शा चालकों तक के नाम सामने आ चुके हैं। कार्रवाई के नाम पर हर बार एफआईआर कराने एवं संबंधितों को नौकरी से निकालने की कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जाती है और फिर से श्रद्धालु ऐसे ही अन्य लोगों से ठगे जाते हैं। अफसर सिर्फ देखते रहते हैं।

सोमवार को एक बार फिर श्रद्धालु के साथ ठगी की वारदात हुई। सोनीपत हरियाणा से आई महिला श्रद्धालु रितिका के साथ इस बार महाकाल मंदिर के आसपास फूल प्रसादी बेचने वाले राजकुमार उर्फ राजा परमार निवासी गणेश कॉलोनी जयसिंहपुरा ने भस्मआरती के दर्शन कराने के नाम पर 6 हजार रुपए की ठगी की। रितिका और उनके भाई अंशुल ने बड़ा गणेश मंदिर के पास फूल प्रसादी बेचने वाले राजकुमार से जानकारी ली तो उसने तीन हजार रुपए में भस्मआरती की परमिशन कराने की बात कही।

राजा अपने मोबाइल नंबर 7974557489 से श्रद्धालुओं के संपर्क में रहा। उसने भस्मआरती के नाम पर तीन हजार रुपए लेकर दोनों श्रद्धालुओं की भस्मआरती के दर्शन भी करवा दिए। भस्मआरती के बाद राजा कॉल कर फिर से तीन हजार रुपए मांगने लगा और बार-बार कॉल कर परेशान करने लगा। इस पर अंशुल ने उसे एक जगह बुलाया और पुलिस की मदद से उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।

सोशल मीडिया पर जब घटना की जानकारी वायरल हुई तो मंदिर समिति ने देर शाम अपनी ओर से शिकायत दर्ज करवाई। मंदिर कर्मचारी दिनेश पिता बालमुकुंद शर्मा निवासी यंत्र महल मार्ग श्रीराम कॉलोनी की शिकायत पर पुलिस ने ठगी करने वाले राजकुमार उर्फ राजा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। इस मामले में एक होमगार्ड के जवान की भूमिका भी सामने आई है। इस आधार पर उसे मंदिर से हटा दिया है।

सुरक्षाकर्मी : घटना अप्रैल 2024 की है। दुर्ग छत्तीसगढ़ की तुलेश्वरी साहू के साथ मंदिर के सुरक्षाकर्मी सुनील शर्मा और पंकज कारपेंटर ने शयन आरती दर्शन के नाम पर 500-500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। सुरक्षाकर्मी सुनील महिला श्रद्धालु सहित दो लोगों को बाहर के गेट से मंदिर के अंदर छोड़कर चला गया। एफआईआर हुई और दोनों सुरक्षाकर्मियों को हटाया गया।

मंदिर कर्मचारी : घटना जून 2024 की है। सूरत के वृद्ध श्रद्धालु परितोष दवे से महाकाल मंदिर के कर्मचारी पवन शर्मा उर्फ रोहित ने भस्मआरती कराने के नाम पर 4200 रुपए ले लिए और नंदी हॉल से बिल्कुल सामने से दर्शन की बात कही। दवे सहित दो श्रद्धालुओं को भारत माता मंदिर के पास बुलाया और भीड़ के बीच छोड़कर उन्हें चला गया। शिकायत पर एफआईआर हुई और कर्मचारी पवन शर्मा को हटाया गया।

– पुजारी प्रतिनिधि : घटना अप्रैल 2024 की है। आंध्रप्रदेश के नागार्जुन सत्यनारायण के साथ भस्मआरती की अनुमति दिलाने के नाम पर पुजारी कैलाश गुरु के प्रतिनिधि (सेवक) रोमिन शर्मा ने 14 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। एफआईआर दर्ज की गई।

– पुलिस आरक्षक : घटना मार्च 2024 की है। जब भास्कर टीम ने दर्शन के नाम पर ठगी करने वाले का स्टिंग ऑपरेशन किया। इसमें नानाखेड़ा पर मिला ऑटो चालक आबिद, दो दलाल हर्ष जोशी और खुद को पुजारी प्रतिनिधि बताने वाला ब्रजेश तिवारी, मंदिर की सुरक्षा में लगा पुलिस आरक्षक अजीत राठौर, फूल-प्रसादी बेचने वाले राकेश के नाम सामने आए। दलाल हर्ष ने भस्मआरती और दर्शन के नाम पर 4200 रुपए लिए। पुलिस आरक्षक राठौर ने भास्कर टीम के सामने ही दलाल हर्ष को कॉल लगाकर कहा कि तुम दर्शनार्थी से मेरे नाम पर प्रति व्यक्ति 500 रुपए लेते हो और मुझे केवल 150-200 रुपए ही देते हो।

– एफआईआर दर्ज करवाई, होमगार्ड जवान को हटाया

“हरियाणा से आई महिला श्रद्धालु के साथ फूल-प्रसादी बेचने वाले व्यक्ति द्वारा ठगी किए जाने के मामले में मंदिर समिति की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई है। मामले में एक होमगार्ड जवान की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उसे मंदिर से हटा दिया गया है। – मृणाल मीना, प्रशासक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे धोखाधड़ी का केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। ठगी करने में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है, उनकी भी जानकारी ली जाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

-अजयकुमार वर्मा, महाकाल टीआई

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