
शुक्रवार देर रात घटना के विरोध में डॉक्टरों ने एमवाय अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया।
इंदौर में एमवाय अस्पताल में पदस्थ डॉ. हेमंत कुमार गिरवाल (40) गुरुवार दोपहर से लापता है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एक अन्य यूनिट की सीनियर महिला डॉक्टर से वे टकरा गए थे। इस पर महिला डॉक्टर ने उन्हें सार्वजनिक रूप से लताड़ा था। उन्होंने उन पर छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया था। साथ ही कमेटी के सामने माफीनामा लिखवाया था। तब से ही वे खुद की काफी बेइज्जती महसूस कर रहे थे
संयोगितागंज थाने में डॉक्टर की गुमशुदगी दर्ज की गई है। शुक्रवार देर रात घटना के विरोध में कई डॉक्टर एमवाय अस्पताल में जमा हो गए। उन्होंने कहा कि डॉ. गिरवाल पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। अगर उनका पता नहीं चला तो उग्र आंदोलन करेंगे। डॉक्टरों ने महिला डॉक्टर के लगाए आरोपों की जांच की मांग की है।

डॉ. गिरवाल के साथी डॉक्टरों ने शुक्रवार देर रात घटना को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. गिरवाल पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। महिला डॉक्टर के आरोपों की जांच की जाए।
नजदीकी साथियों के मुताबिक डॉ. गिरवाल धार के रहने वाले हैं और मेडिकल हॉस्टल में ही रहते हैं। डॉ. गिरवाल की ड्यूटी ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर में थी। वे दो दिन पहले ओटी के इंस्ट्रूमेंट लेकर दूसरे यूनिट के ऑपरेशन थिएटर में गए थे। इस दौरान वे महिला डॉक्टर से टकरा गए थे। महिला डॉक्टर ने उन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था।
महिला डॉक्टर ने कमेटी के सामने माफी मंगवाई
हंगामे के बाद महिला डॉक्टर ने महिला सुरक्षा को लेकर बनी कमेटी में शिकायत कर दी थी। इसमें जब डॉ. गिरवाल को बयान के लिए बुलाया गया तो उन्होंने कहा कि मैं जानबूझकर नहीं टकराया और न ही छेड़छाड़ की। महिला डॉक्टर ने उन्हें कमेटी के सामने भी खूब जलील किया। साथ ही माफीनामा लिखवाया। इसके बाद से डॉ. गिरवाल काफी विचलित थे।

डॉ. गिरवाल को ओटी ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर की ड्यूटी से हटाने का लेटर।
कमेटी ने ऑपरेशन थिएटर से हटा दिया
इस बीच कमेटी ने डॉ. गिरवाल को इन आरोपों के आधार पर ऑर्थेापेडिक ऑपरेशन थिएटर की ड्यूटी से मुक्त कर दिया। इससे भी वे काफी आहत दिख रहे थे।
हॉस्टल के रूम से लेटर मिला
साथियों के मुताबिक वे गुरुवार सुबह भी ड्यूटी पर आए थे। फिर कहीं चले गए। उनका मोबाइल भी करीब 2 बजे से बंद बता रहा था। उनके धार में रहने वाले परिजन को भी सूचना दी गई। उनके सभी साथी डॉक्टर उन्हें तलाश रहे हैं। शुक्रवार रात को उनके हॉस्टल के रूम से एक पत्र मिला है। इसमें उन्होंने अपने साथ हुए घटनाक्रम का जिक्र किया है।