मध्यप्रदेश। फर्जी जीएसटी फर्म्स पर सख्ती, 864 फर्म्स की जांच, 48 फर्जी पाई गई; 90 करोड़ की टैक्स चोरी का हुआ खुलासा

केंद्र सरकार द्वारा बोगस जीएसटी फर्म्स पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे फिजिकल वेरिफिकेशन ड्राइव में विभाग ने अब तक 864 फर्म्स की जांच कर ली है। इनमें से 48 जीएसटी फर्म्स नॉन-एक्सिस्टेंट और बोगस पाई गई हैं, जो कि 5.5% है। मध्यप्रदेश का ये आंकड़ा दूसरे प्रदेशों से बेहद कम है। दिल्ली और गुजरात जैसे प्रदेशों में यह आंकड़ा 20-25% तक है।

हालांकि प्रदेश जीएसटी विभाग ने इसे देखते हुए ये समझने की कोशिश की कि जो फर्म्स फर्जी नहीं हैं, लेकिन उनका नाम संदिग्ध की सूची में शामिल हुआ है, उसके पीछे क्या कारण हैं। इसे देखते हुए विभाग ने फिजिकल वेरिफिकेशन ड्राइव के साथ-साथ ही अपने स्तर पर इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई। इसमें 42 ऐसी फर्म्स से 3 करोड़ 95 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, वहीं 90 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ाई है।

अनियमितताओं और कर चोरी की आशंका में की गई कार्रवाई

जीएसटी की अपर आयकर आयुक्त रजनी सिंह ने बताया कि संदिग्ध फर्म्स की सूची का पूरा डेटा सिस्टम द्वारा पकड़ी गई अनियमितताओं के आधार पर निकाला गया है। ऐसे में जो फर्म्स बोगस निकलती हैं, उनसे हमें कोई राजस्व नहीं मिल पाता, क्योंकि हमें व्यवसाय स्थल पर कोई नहीं मिलता।

तो इस ड्राइव का फायदा उठाते हुए हमने इसके तहत ही इंस्पेक्शन भी किया, जिससे टैक्स कलेक्शन बढ़ सके। जिन फर्म्स का नाम संदिग्ध की सूची में आया था, उनमें वे फर्म्स हैं, जिनके फॉर्म 2बी में कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं है, लेकिन उन्होंने टैक्स भरते समय 3बी में आईटीसी क्लेम की है। कुछ फर्म्स ने कैंसल हो चुके जीएसटी नंबर वाले व्यापारियों से माल खरीदा था। ऐसे में इस प्रकार के मामलों में कर चोरी की आशंका को देखते हुए ये कार्रवाई की गई। जो फर्म्स बोगस पाई गई, उन्होंने 616 फर्म्स को अपना माल बेचा है और आईटीसी पास ऑन किया है। इन पर अब विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।

16 अक्टूबर तक चलेगा अभियान-

16 अगस्त से शुरू हुई ये ड्राइव 16 अक्टूबर तक चलेगी। पिछले साल केंद्र से 1500 जीएसटी नंबरों की सूची विभाग को मिली थी। उनमें से 193 फर्जी पाए गए थे। इस तुलना में इस साल काफी कम जीएसटी नंबर फर्जी पाए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *