एमपी। खरगोन के जंगल में मिली महाराष्ट्र के नामी बिल्डर की अधजली लाश, हत्या कर जलाने की आशंका; ड्राइवर पर हत्या का संदेह – देखें VIDEO

 

बिल्डर किशोर बाबूराव लोहकरे।

महाराष्ट्र पुलिस एक हफ्ते से औरंगाबाद के एक नामी बिल्डर की तलाश कर रही थी। दो दिन पहले वहां की पुलिस मोबाइल की लोकेशन के आधार पर खंडवा पहुंची और सर्चिंग की। बुधवार सुबह बिल्डर की अधजली लाश खरगोन जिले में सनावद-भीकनगांव रोड पर घोड़वा के जंगल में मिली। पुलिस को आशंका है कि बिल्डर की हत्या कर उसे जलाया गया है। खरगोन पुलिस ने बिल्डर के ड्राइवर को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

मृतक की शिनाख्त संभाजीनगर के ग्राम कमलापुर निवासी किशोर बाबूराव लोहकरे (45) के रूप में की गई है। जो क्षेत्र के नामी बिल्डर हैं, वे शिवसेना (उद्वव गुट) से भी जुड़े हुए थे। उनके रिश्तेदार रोहित परोड़कर के मुताबिक, किशोर 26 सितंबर को मुंबई से बस पकड़कर ओंकारेश्वर पहुंचे थे। जहां होटल श्रीनाथ में रुके। उसी दिन उन्होंने घर से अपनी कार लेकर ड्राइवर जावेद को ओंकारेश्वर बुलाया था।

ड्राइवर से कहा था कि 15 लाख रूपए भी साथ लेकर आना। ड्राइवर पैसे लेकर ओंकारेश्वर पहुंचा और अगले दिन 27 सितंबर को बिल्डर ने होटल से चेक आउट कर दिया। वे घर जाने के लिए रवाना हुए लेकिन 28 सितंबर को ड्राइवर अकेला घर पहुंचा। उसने बताया कि सेठ कोलकाता के लिए निकल गए हैं। उन्हें फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ आया। 2 अक्टूबर को पुलिस से शिकायत की। मोबाइल की आखिरी लोकेशन खंडवा के देशगांव स्थित ज्योति पेट्रोल पंप की मिली।

परिजनों के मुताबिक, बिल्डर किशोर बाबूराव लोहकरे ने 27 सितंबर को ओंकारेश्वर स्थित होटल से चेक आउट कर दिया था।

ड्राइवर की मोबाइल लोकेशन से जंगल पहुंची पुलिस महाराष्ट्र पुलिस को ड्राइवर जावेद की लोकेशन सनावद थाना क्षेत्र के घोड़वा जंगल के आसपास मिली थी। इसी आधार पर पुलिस जंगल में पहुंची। इसी जंगल में मंगलवार को सर्चिंग की लेकिन सफलता नहीं मिली थी। पुलिस बुधवार को दोबारा जंगल में गई। जहां रोड से दूर खाई की ओर अधजला शव मिला।

मृतक के भाई ने जले हुए कपड़े देखकर किशोर का शव होने की पुष्टि की। घटनास्थल का पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जायजा लिया। यहां एक पेट्रोल की बोतल भी मिली। पुलिस को आशंका है कि बोतल का इस्तेमाल व्यापारी को जलाकर हत्या की है।

सरल स्वभाव और धार्मिक प्रवृत्ति के थे बिल्डर, दो बच्चे बिल्डर के भांजे अशोक बताते हैं कि उनके मामा का पूरे क्षेत्र में प्रॉपर्टी के मामले में साफ-सुथरा काम था। यही वजह रही कि उन्होंने कम समय में बेहतर तरक्की की। वे सरल स्वभाव के थे, कभी किसी का बुरा नहीं सोचा। काफी धार्मिक प्रवृत्ति के थे। यही कारण है कि वे महीने-दो महीने में ओंकारेश्वर और उज्जैन आते। उनके भाई अमूल सरपंच रह चुके हैं। परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं, बच्चों की उम्र 16 और 14 साल है।

खंडवा मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट पैनल ने पीएम किया इस केस में खरगोन की थाना सनावद पुलिस मर्ग कायम कर जांच करेगी।शव की एक्सपर्ट जांच और पैनल पीएम के लिए उसे खंडवा के मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां महाराष्ट्र से आए बिल्डर के रिश्तेदार और सनावद पुलिस मौजूद रही।

खरगोन एसपी धर्मराज मीणा ने बताया-

प्रारंभिक जांच में बिल्डर को अगवा कर जंगल में हत्या करना और शव को पेट्रोल डालकर जला देना प्रतीत होता है। फिलहाल इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं।

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