लो अब ‘चाय वाला मुख्यमंत्री’ बन गए ‘मोहन’ … कौशल किशोर चतुर्वेदी

लो अब ‘चाय वाला मुख्यमंत्री’ बन गए ‘मोहन’ …

देश में अगर चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, तो मध्यप्रदेश में चाय वाला मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता। डॉ. मोहन यादव की यह खूबी लोगों को अब पता चल रही है कि वह भी अच्छी चाय बनाने में उस्ताद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तो ‘चाय वाला पीएम’ ब्रांड बन ही गया हैं, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अब उसी राह पर हैं। वैसे जब भी अवसर मिलता है तब डॉ. मोहन यादव आमजन में आमजन की तरह रमकर अपनी अलग-अलग खूबी दिखाने में पीछे नहीं रहते। इसमें हालिया वाकया अदरक वाली चाय बनाकर सबको पिलाकर सबका मन मोहने का है। दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना जिले के चित्रकूट में कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा के दौरान चाय की दुकान वाली महिला राधा के आमंत्रण पर उसके हाथ की चाय पीने की जगह खुद अदरक वाली चाय बनाई और अपने साथ मौजूद सभी लोगों को भी चाय पिलाई। अब यह बात तो तय है कि मुख्यमंत्री चाय बनाकर पिलाएगा, तो बात पूरे प्रदेश और देश में जाना तो तय है। और फिर बात चाय और राजनेता की होगी, तो मोदी चाय वाला प्रधानमंत्री तो सबको याद आ ही जाएगा।
दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिवसीय सतना दौरे पर थे। इसी कड़ी में 27 अक्टूबर 2024 को चित्रकूट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी धर्मपत्नी के साथ भगवान कामता नाथ के दर्शन कर पांच किलोमीटर की कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई गई। परिक्रमा मार्ग में सरयू धारा के पास राधा कृष्ण मंदिर के नीचे चाय की दुकान चलाने वाली महिला राधा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को चाय पीने के लिए आमंत्रित किया। फिर क्या था खुशमिजाज मुख्यमंत्री मोहन यादव, राधा के बुलाने पर उसकी छोटी सी दुकान पर पहुंचे और खुद ही चाय बनाने लगे। उन्होंने गैस पर चाय चढ़ाई और अदरक कूटकर गरमा गरम चाय पिलाई। इस दौरान सीएम की धर्म पत्नी सीमा यादव भी चाय बनाने में अपने पति का सहयोग करती नजर आईं। चाय पकने के बाद मुख्यमंत्री ने छानकर सहयोगियों को चाय पिलाई और खुद उन्होंने भी इसका लुत्फ लिया।


तो मोहन को जब भी अवसर मिलता है, तब अपनी सह्रदयता से सबका मन मोहने का कोई पल नहीं गंवाते। चित्रकूट में भी चाय बनाने के अलावा बच्चों को खिलौने दिलाना, खरीदारी कराने का काम भी उन्होंने बखूबी किया। फिर सबके बीच बात पहुंची कि सीएम डॉ मोहन यादव की सादगी ने सबका दिल जीत लिया। चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा में सीएम डॉ मोहन यादव का अनूठा अंदाज देखने को मिला। सीएम का वात्सल्य देख सब बोले मोहन भैया वाह। सीएम डॉ यादव ने छोटे बच्चों को खरीदारी करवाई। किसी को चश्मा दिलवाया तो किसी को खिलौने दिलवा दिए। परिक्रमा करने आए रायबरेली के श्रद्धालु के बच्चों को खिलौने दिलवाए। तो खरीदारी के बाद डिजिटल पेमेंट कर सीएम ने पीएम मोदी के डिजीटल इंडिया के सपने को भी साकार किया। वहीं सीएम ने खुद के लिए भी दिवाली की खरीदारी की। छोटे शिल्पकार और दुकानदारों से दिवाली के लिए सामान खरीदा। इसमें भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अपील को साकार किया।
तो प्रधानमंत्री मोदी का अनुसरण तो भाजपा संगठन और सरकारों में पदासीन सभी नेता करते हैं, पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दूसरे नेताओं और भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों को इसमें बहुत पीछे छोड़ दिया है। उन्हें जब भी अवसर मिलता है, तब ही मोदी का अनुसरण कर आमजन के साथ मोदी का दिल जीतने का कोई अवसर नहीं गंवाते। दिवाली की सपत्नीक लोकल खरीदारी कर, बच्चों को दुलारकर खिलौने दिलाकर और डिजिटल पेमेंट कर मोहन ने सबका दिल जीता। तो अब ‘चाय वाला मुख्यमंत्री’ भी बन ही गए हैं ‘मोहन’…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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