
आईजी पंजीयन कार्यालय में केंद्रीय मूल्यांकन समिति की बैठक हुई।
मध्यप्रदेश के 54 जिलों में साढ़े तीन हजार लोकेशंस पर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए गए हैं। कलेक्टर्स ने 1 लाख 12 हजार लोकेशंस पर प्रॉपर्टी पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज से सरकार की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजे थे।
कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने मंजूरी दे दी है। बड़े महानगरों में सबसे ज्यादा 3% की बढ़ोतरी इंदौर जिले में की गई है। भोपाल में फिलहाल कीमतें होल्ड पर रखी गई हैं।

डिप्टी सीएम के दखल से रुका भोपाल का फैसला भोपाल जिले में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाने के मामले में कलेक्टर भोपाल क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) की बैठक बुलाकर सुझाव देंगे। इसके बाद ही यहां कीमतें बढ़ाने का फैसला किया जाएगा। भोपाल की जमीन संबंधी कलेक्टर गाइडलाइन के मामले में यह ये फैसला केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने लिया है।
दरअसल, डिप्टी सीएम और वित्त-वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भोपाल दक्षिण-पश्चिम भगवान दास सबनानी ने प्रॉपर्टी की कीमतें नहीं बढ़ाने की मांग की थी। इसके साथ ही भोपाल क्रेडाई ने भी इसका विरोध किया था और इसको लेकर सांसद, विधायक को पत्र लिखकर कहा था कि क्रेडाई का पक्ष नहीं सुना जाता है, इसलिए आईजी पंजीयन ने तय किया है कि पहले भोपाल कलेक्टर क्रेडाई का पक्ष सुनेंगे, इसके बाद जो प्रस्ताव वृद्धि के संबंध में भेजेंगे, उस पर विचार किया जाएगा।

क्रेडाई अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने कहा…
डिप्टी सीएम ने हमारे मुद्दों को गंभीरता से लिया। हम अपने तीन साल के लॉक-इन, सर्किल रेट कम करने और उपबंध खत्म करने की मांग पर दृढ़ हैं और हमें विश्वास है कि इस दिशा में सकारात्मक और स्थायी समाधान निकलेगा।

भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने का फैसला होल्ड

भोपाल की कुल 243 लोकेशन में प्रॉपर्टी के रेट 5 से 200% तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर चला गया है। केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी की मीटिंग से पहले बुधवार सुबह भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से उनके आवास पर मुलाकात की। इससे बाद क्रेडाई सदस्यों भी वित्त मंत्री से मुलाकात करने पहुंचे।
इंदौर में 469 लोकेशंस में रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी
इंदौर में पहली बार साल में दूसरी मर्तबा गाइडलाइन बढ़ी है। प्रस्ताव भोपाल भेजा गया था। इसे केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने अप्रूव कर दिया है। गाइडलाइन बढ़ने से प्रॉपर्टी के दाम भी बढ़ेंगे। दाम बढ़ने के साथ ही लोगों को अधिक बैंक लोन मिल सकेगा। सरकार को भी ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। साल 2024-25 में दूसरी बार गाइडलाइन बढ़ गई है