
जब शिवराज जी हरियाणा के प्रभारी थे। तब हम सिर्फ 4 सीट जीते थे। जब मुझे हरियाणा का प्रभारी बनाया गया। तब 3 हजार इंदौर के कार्यकर्ताओं को ले जाकर पहली बार वहां हम जीते भी और सरकार भी बनाई।
ये बात इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 के दीपावली मिलन समारोह कही। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि कभी-कभार खोटा सिक्का भी चल जाता है, लेकिन बार-बार नहीं चल सकता है।
विजयवर्गीय ने मंच से कहा- जब मैं महामंत्री बनकर हरियाणा गया था। उस समय मुझसे पहले हरियाणा के प्रभारी शिवराज जी थे। उस समय हम सिर्फ चार सीट जीते थे। फिर मुझे बुलाया गया। तब अमित भाई अध्यक्ष थे। मुझे बोला गया आपको हरियाणा देखना है और आप यहां से घर नहीं जाएंगे सीधे रोहतक जाएंगे और दो दिन वहीं रहना है। मैंने कहा ठीक है।
इसके बाद शाम को हम प्रधानमंत्री जी से मिलने चले गए। उन्होंने कहा, हरियाणा थोड़ा चैलेंजिंग है। जाकर वहां काम करो, फिर मैंने कहा ठीक है। इसके बाद मैं मध्यप्रदेश के 3 हजार कार्यकर्ताओं को हरियाणा लेकर गया। हरियाणा पहली बार हम जीते तो इसमें इंदौर के कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान है।
हरियाणा जितने पर मैंने सोचा कि, मुझे अब बड़ा पुरस्कार मिलेगा तब मुझे बंगाल का प्रभारी बना दिया गया, तो मैंने वहां हर ब्लॉक में भाजपा को खड़ा किया। कहने का मतलब यह है कि, पार्टी जानती है कि कार्यकर्ता का काम कहां पर और कैसे लेना है।

हरियाणा की जनता ने कांग्रेस के गाल पर तमाचा मारा है’
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि, हरियाणा की जनता ने कांग्रेस के एक गाल पर तमाचा मारा है। दूसरे पर महाराष्ट्र की जनता तमाचा मारेगी। हरियाणा में सभी सर्वे कांग्रेस की जीत की बात कह रहे थे, लेकिन भाजपा ने वहां शानदार जीत दर्ज की। विकास वहीं होता है, जहां डबल इंजन की सरकार होती है। कांग्रेस शासित राज्यों में कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल पा रही है।
जातीय गणना के सवाल पर उन्होंने कहा कि, कांग्रेस हमेशा धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटने का काम करती है, जबकि मोदी जी विकास की राजनीति करते हैं।
विजयवर्गीय बोले- राहुल गांधी में वह मैच्योरिटी नहीं आई है
कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए यूएस चुनाव हारने पर कमला हैरिस को राहुल गांधी के पत्र लिखने पर कहा कि, जो खोटा सिक्का होता है। वह कभी-कभार चलता लेकिन बार-बार नहीं चल सकता है। दुर्भाग्य है कि राहुल जी में वह मैच्योरिटी नहीं आई है। वह संवैधानिक पद पर बैठे हैं। उनके द्वारा किया कृत्य सार्वजनिक तौर पर दुनिया के संज्ञान में आता है, मैच्योरिटी के अभाव में वे ये करते हैं, मुझे लगता है कि कांग्रेस के लोगों को उन्हें सही राय देना चाहिए।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के जातिगत जनगणना के वादे पर विजयवर्गीय ने कहा कि हम जातिगत जनगणना का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उसके नाम पर समाज को बांट कर जो राजनीति कर रहे हैं। हम उसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस समाज को बांटकर राजनीति कर रही है। हम उसका विरोध कर रहे हैं।
मंच से हरियाणा के प्रभारी बनने के बाद चुनाव जीतने का किस्सा सुनाया।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बोले- वे संत हैं, उनकी बात का सम्मान करते हैं
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कुंभ में गैर हिन्दू प्रवेश न करने वाले बयान पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे संत हैं और हम उनकी बात का सम्मान करते हैं। रामभद्राचार्य के बयान जब तक कृष्ण जन्मभूमि पर फैसला हमारे पक्ष में नहीं आता, तब देश के किसी कृष्ण मंदिर नहीं जाऊंगा। इस पर विजयवर्गीय ने कहा, वे संत हैं, उन्होंने संकल्प लिया है तो जरूर पूरा होगा।
‘भाजपा का कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से काम करता है’
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि, कार्यकर्ताओं की मेहनत की वजह से विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 सदस्यता अभियान में देश में अव्वल रहा है। भाजपा का कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से काम करता है। देश की सेवा करता है। बाकी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता कुर्सी के लिए काम करते हैं, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता देश के लिए काम करता है।
‘कांग्रेस के जमाने में संघ की शाखा में जाने पर सवाल खड़े होते थे’
उन्होंने कहा कि 50 साल पहले कांग्रेस के जमाने में संघ की शाखा में जाने पर भी बड़े सवाल खड़े होते थे और घर आकर लोग शाखा में ना जाने की चेतावनी देते थे। उस समय मेरे पिताजी ने दबाव में आकर मना किया, लेकिन मेरी मां ने शाखा में जाने का समर्थन किया। शाखा में मिले संस्कारों की वजह से मैं आज आपके सामने खड़ा हूं। समाजसेवा और देशभक्ति की सेवा की शिक्षा मुझे आरएसएस से मिली। मैंने पहला चुनाव हारने के लिए ही लड़ा था, लेकिन जीत गया और उसके बाद कभी पीछे पलट कर नहीं देखा।