भोपाल में एक कार नहर में गिर गई। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना बुधवार रात की है। बताया जा रहा है कि कार सवार आपस में दोस्त थे। वे चलती गाड़ी में मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, तभी उनकी कार बेकाबू होकर नहर में जा गिरी। कार के कांच तोड़कर शवों को बाहर निकाला गया।
मृतक विनीत और पलाश।
पुलिस ने बताया कि बुधवार रात करीब 11:30 बजे कोलार में रहने वाला पलाश गायकवाड़ (25) अपने दोस्त विनीत (22) और पीयूष गजभिए (24) के साथ कोलार क्षेत्र में कार से घूम रहा था। हादसे में पलाश और विनीत की मौके पर ही मौत हो गई। वह दोनों पीडब्ल्यूडी के ग्रेड 4 कर्मचारी थे। उनकी अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। जबकि घायल पीयूष अमेजन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। परिजनों ने बताया कि गाड़ी विनीत चला रहा था।
दोनों युवकों के शव का हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। वहीं पीयूष का इलाज चल रहा है। अभी उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस समय पर पहुंचती तो जान बच सकती थी
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती, तो दोनों की जान बच सकती थी। पुलिस का कहना है कि पीयूष के बयान अभी पूरी तरह से दर्ज नहीं हो सके हैं। सूचना के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

कांच तोड़कर बाहर आया पीयूष
पीयूष गजभिए के पिता विकास गजभिए ने बताया, रात 11:53 बजे मुझे फोन आया, किसी ने कहा कि पीयूष का एक्सीडेंट हो गया है। मैं तुरंत इनायतपुरा स्थित पुलिया पर पहुंचा। पलाश एक जगह पड़ा था, उसके सिर में गंभीर चोटें थीं। मेरा बेटा बाहर पड़ा था और आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगा रहा था। विनीत कार में ही फंसा हुआ था, जो नहर में गिरी हुई थी।
उन्होंने आगे कहा, पीयूष ने बताया कि पीछे का कांच टूटा था। वह कांच तोड़कर किसी तरह बाहर आया। उसने गाड़ी के गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन गेट नहीं खुल सके। इसी वजह से वह विनीत को बाहर नहीं ला सका।
विकास ने बताया कि पीयूष ने यह भी बताया कि विनीत स्नैप चैट का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी चला रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

संकरी पुलिया बनी हादसे की वजह
मृतक विनीत के जीजा मनीष ने बताया हमें पता चला कि एक्सीडेंट हो गया है। हमने घायलों को रेस्क्यू किया। सुबह घटना स्थल पर जाकर देखा तो पता चला कि पुलिया काफी संकरी है, जबकि सड़क चौड़ी है। इसके अलावा, पुलिया पर बैरिकेडिंग भी नहीं की गई थी। इसी कारण यह हादसा हुआ।