
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के कारण संक्रमित होने वाले की संख्या 4 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है. इसके साथ ही संक्रमण से मरने वालों की संख्या 11 लाख 50 हजार के आंकड़े के पार पहुंच गई है. वहीं इसके इलाज का दावा करते हुए दवा कंपनी फाइजर के अभिकारियों का कहना है कि वह इसी साल कोरोना वैक्सीन को तैयार कर लेंगे.
दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर के अधिकारियों ने इस पर बात करते हुए कहा है कि वह आशा करते हैं कि कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए इसी साल वैक्सीन को ला सकते हैं, इसके साथ ही उनका कहना है कि फार्मा कंपनी फाइजर ने तीसरी तिमाही में काफी कम मुनाफा दर्ज किया है.
फार्मा कंपनी फाइजर के चीफ एक्जीक्यूटिव अल्बर्ट बोर्ला का कहना है कि कोरोना के खिलाफ तैयार की जा रही वैक्सीन की टेस्टिंग उनके हिसाब से सही समय पर खत्म होती है और उन्हें इस वैक्सीन की मंजूरी मिल जाती है तो वह साल 2020 में ही अमेरिका के अंदर इस वैक्सीन के 40 मिलियन से ज्यादा डोज का प्रोडक्शन कर सकते हैं.
बोर्ला ने कहा कि “अगर सब ठीक रहा, तो हम शुरुआती संख्या में डोज वितरित करने के लिए तैयार हो जाएंगे.” फाइजर ने अमेरिकी सरकार के अनुबंध पर इस साल के अंत तक 40 मिलियन डोज और मार्च 2021 तक 100 मिलियन डोज की आपूर्ति करने का संकेत दिया है.
हालंकि बोर्ला ने यह भी कहा कि वैक्सीन के प्रभाव का आकलन करने में कंपनी अभी भी प्रमुख बेंचमार्क तक नहीं पहुंची है. फाइजर ने पहले कहा था कि उसके पास अक्टूबर में डेटा हो सकता है.
बोर्ला ने कहा कि कंपनी नवंबर के तीसरे सप्ताह में अपनी कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत होने पर फाइल करने की उम्मीद करती है. यह मोटे तौर पर पहले की समय सीमा के अनुरूप है. यह पूछे जाने पर कि क्या “तेजी” से आने वाली वैक्सीन क्या काम करेगी, बोर्ला ने कहा कि “मैं तेजी में नहीं हूं, वैक्सीन काम करेगी. मैं सतर्क रहते हुए आशावादी हूं, वैक्सीन काम करेगी.”
फाइज़र ने 2.2 बिलियन डॉलर के मुनाफे में 71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है. एक साल पहले की अवधि में कंपनी ने लेन-देन से जुड़ा बड़ा लाभ कमाया था. विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार फाइजर का रेवेन्यू चार प्रतिशत घटकर 12.1 बिलियन डॉलर रह गया है.