
हार्ले-डेविडसन इंक और दुनिया की सबसे बड़ी मोटरसाइकिल (बाइक) और स्कूटर बनाने वाली कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने अपने उत्पादन को बेचने के लिए हाथ मिलाया है. दोनों कंपनियों ने एक समझौते का एलान किया है. इसके मुताबिक हीरो मोटोकॉर्प हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों की बिक्री और सर्विस करेगा
यह काम देश में हार्ली-डेविडसन के एक्सक्लूसिव डीलरों और हीरो के मौजूदा डीलरशिप नेटवर्क दोनो के माध्यम किया जाएगा. इसके अलावा बाइक्स के पार्ट्स, एक्सेसरीज़, जनरल मर्चेंडाइज और राइडिंग गियर भी इसी तरह बेचे जाएंगे. लाइसेंसिंग समझौते के एक भाग के रूप में, हीरो मोटोकॉर्प हार्ली-डेविडसन ब्रांड नाम के तहत प्रीमियम मोटरसाइकिलों को बनाकर उनकी बिक्री भी करेगा.
एक महीने पहले ही की बात है जब हार्ली-डेविडसन ने भारत में मोटरसाइकिल की बिक्री और उत्पादन बंद करने का फैसला लिया था. अमेरिकी बाइक निर्माता ने अपने कर्मचारियों को साल 2020 में 75 मिलियन डॉलर की लागत वाले पुनर्गठन की जानकारी दी थी जिसमें कंपनी द्वारा भारत में व्यापार समेटने की बात भी शामिल थी. कंपनी ने एक वक्तव्य में कहा है कि इस फैसले के बाद भारत में लगभग 70 कर्मचारियों को निकाला जाएगा. भारतीय बाज़ार को हार्ली-डेविडसन का अलविदा करना कंपनी की रीवायर नीति का हिस्सा है जिसे हार्ली-डेविडसन के प्रेसिडेंट, चेयरमैन और सीईओ योकेन ज़ाइट्स ने तैयार किया था. हार्ली-डेविडसन की उत्पादन फैसिलिटी हरियाणा में है.
यह व्यवस्था भारत में दोनों कंपनियों और सवारों के लिए फायदे का सौदा है, क्योंकि यह हीरो मोटोकॉर्प के मजबूत सेल्स नेटवर्क और ग्राहक सर्विस के साथ प्रतिष्ठित हार्ले-डेविडसन ब्रांड को एक साथ लाता है. फिछले कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही थी कि हार्ली-डेविडसन किसी भारतीय कंपनी के साथ देश में अपनी बाइक्स बेचने के लिए बातचीत कर रहा है और अब इसकी पुष्टि हो गई है.